धर्मशाला। अब स्कूल-कॉलेजों में सड़क सुरक्षा नियमों का पाठ भी पढ़ाया जाएगा। मकसद, सड़क हादसें कम हों और लोगों को जागरूक किया जा सके। सड़क हादसे रोकने के लिए जिला प्रशासन ने यह पहल की है।
जिलाधीश संदीप कुमार ने कहा कि विद्यार्थियों को सुरक्षित ड्राइविंग को लेकर संवेदनशील बनाने एवं जागरूक करने के लिए शिक्षण संस्थानों में सड़क सुरक्षा क्लब बनाए जाएंगे। इन क्लबों में अध्यापक, अभिभावक और विद्यार्थी शामिल होंगे। शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों को इनके गठन को लेकर कहा गया है। इससे सड़क पर लोगों की सुरक्षा तय करने और सड़क दुर्घटनाएं रोकने में मदद मिलेगी।
सड़क सुरक्षा क्लब बच्चों को सड़क सुरक्षा नियमों के बारे में शिक्षित करने में सहायक होंगे। अमूमन देखा गया है कि नौजवान बिना हेलमेट पहने सड़क सुरक्षा नियमों की अवहेलना करते हुए तेज रफ्तार से बाइक अथवा स्कूटर चलाते हैं। ज्यादातर दुर्घटनाएं इन्हीं कारणों से होती हैं। कई छात्र घर से विद्यालय अथवा कॉलेज दोपहिया वाहन लेकर आते हैं, इनमें से कई बच्चों के पास वैध लाइसेंस तक नहीं होते। सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी नहीं होने के चलते कई बार बच्चे वाहन दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं। इसके अलावा प्रधानाचार्यों को संस्थानों के परिसर में विद्यार्थियों के बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन के प्रवेश पर रोक लगाने और ऐसा करने पर अभिभावकों को सूचित करने जैसे कदम उठाने को भी कहा गया है।
3 सालों में 175 लोगों ने गंवाई जान
जिलाधीश ने एसपी संतोष पटियाल की ओर से सड़क दुर्घटनाओं के मामलों के बारे में दी गई जानकारी साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2015 से 30 जून 2018 तक कांगड़ा जिला में दोपहिया वाहनों की 722 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें 175 लोगों की मृत्यु हो गई और 919 लोग घायल हुए। यह आंकड़ा चिंताजनक है और परेशान करने के साथ-साथ सोचने पर मजबूर करने वाला है।