केंद्रीय वन्य जीव अभ्यारण्य बोर्ड से मिली सैद्धांतिक मंजूरी
अब प्रदेश वन्य जीव विभाग से मंजूरी का इंतजार, नंगल और मतियाल को मिलेगी सुविधा
तनुज सैणी
धर्मशाला। जिला कांगड़ा के पौंग बांध में साहसिक गतिविधियों के आयोजन के लिए क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा। झील में इन गतिविधियों को शुरू करने के लिए पर्यटन विभाग को केंद्रीय वन्य जीव अभ्यारण्य बोर्ड से मांगी सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। इसमें नंगल चौक और मतयाल क्षेत्र में 7.5 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में गतिविधियां शुरू करने की मंजूरी बोर्ड ने प्रदान की है। यह क्षेत्र पौंग वन्य जीव अभ्यारण्य से बाहर हो जाएगा। इसके लिए अब प्रदेश स्तर पर वन्य प्राणी विभाग से मंजूरी मिलने का इंतजार है। ऐसेे में प्रदेश स्तर पर भी पर्यटन विभाग को मंजूरी मिलती है तो पौंग में साहसिक गतिविधियों के लिए क्षेत्र में बढ़ावा होने के साथ ही पर्यटकों को भी आकर्षित करने में मदद मिलेगी।
जानकारी के अनुसार सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू की ओर से कांगड़ा को प्रदेश की पर्यटन राजधानी बनाने की घोषणा के बाद इस दिशा में कार्य किया जा रहा है। पौंग झील में विदेशी परिंदे पहुंचने से पर्यटकों की आवाजाही इस क्षेत्र में रहती है। साथ ही गर्मियों में पानी से बाहर आने वाले बाथू दी लड़ी मंदिरों को देखने के लिए भी प्रदेश सहित बाहरी राज्यों से पर्यटक पहुंचते हैं। वहीं, झील में साहसिक गतिविधियों के आयोजन से पर्यटकों को आकर्षित करने की दिशा में जिला प्रशासन की ओर से भी कार्य किया जा रहा है।
इस झील में अभी अटल बिहारी वाजपेयी जल क्रीड़ा केंद्र के चिह्नित दो वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में ही साहसिक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इस क्षेत्र को बढ़ाने के लिए पर्यटन विभाग की ओर से कुछ क्षेत्र को वन्य जीव अभ्यारण्य क्षेत्र से बाहर करने के लिए काफी समय से प्रयास किए जा रहेे हैं।
उधर, जिला पर्यटन विकास अधिकारी विनय धीमान ने बताया कि नंगल चौक और मतयाल के 7.5 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को अभ्यारण्य से बाहर करने की सैद्धांतिक मंजूरी केंद्रीय वन्य जीव अभ्यारण्य बोर्ड से सैद्धांतिक मंजूरी मिली है। प्रदेश स्तर पर मंजूरी मिलने के बाद इस क्षेत्र में भी साहसिक गतिविधियां आयोजित की जा सकेंगी।