अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। होटल कुनाल धर्मशाला में सांसद शांता कुमार से हिसाब मांगने के लिए प्रेस वार्ता करने पहुंचे सुधीर शर्मा, राजेश धर्माणी, चंद्र कुमार, केवल पठानिया, संजय रत्न सहित अन्य कांग्रेस नेताओं से उनकी अपनी ही पार्टी के एक पुराने कार्यकर्ता ने हिसाब मांग लिया। हुआ यूं कि शुुक्रवार दोपहर 11 बजे होटल कुनाल में कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सांसदों से हिसाब मांगने को लेकर प्रेस वार्ता रखी थी। सुधीर शर्मा, राजेश धर्माणी, चंद्र कुमार, केवल पठानिया, संजय रत्न, आशीष बुटेल, पवन काजल, जगजीवन पाल होटल में प्रेस वार्ता के लिए आ रह थे कि गेट के बाहर राजेश धर्माणी ने वहां खड़े पुराने कांग्रेस कार्यकर्ता राकेश राणा से हाथ मिलाकर हालचाल पूछ लिया। जैसे ही धर्माणी ने हालचाल पूछा तो राकेश राणा भड़क गए। राकेश राणा ने कहा कि हालचाल की क्या बात कर रहे हो नेताओं ने तो धर्मशाला का बेड़ागरक कर दिया। धर्मशाला की पुरानी कांग्रेस ही खत्म कर दी गई। एमपी के चुनाव में हार के बाद धर्मशाला ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष पप्पी को पद से हटाया। अब विस चुनाव में हार मिली तो ब्लाक अध्यक्ष राकेश धीमान को हटा दिया गया। हार का कारण कार्यकर्ता नहीं बल्कि नेता होते हैं। हार की गाज नेताओं पर गिरनी चाहिए। उन्हें पार्टी से हटाना चाहिए। पुरानी कांग्रेस का आखिर क्या कसूर था जो उसे मार दिया गया। भितरघात कार्यकर्ताओं ने नहीं नेताओं ने किया। हंगामा बढ़ते देख नगर निगम धर्मशाला के डिप्टी मेयर देवेंद्र जग्गी राकेश राणा को समझाने के लिए बगल में ले गए। बाद में राजेश धर्माणी राकेश राणा से अगल से फिर से मिले और उन्हें समझाया बुझाया।
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राणा में थोड़ा रोष था, उन्हें मना लिया : धर्माणी
राकेश राणा के मन में थोड़ा रोष था। बाद में मैं उनसे अलग से मिला और उन्हें मना लिया गया। यह पार्टी की अंदरुनी बातें हैं। जब परिवार बड़ा होता है तो छोटी मोटी बातें होती हैं। यह कोई गंभीर मामला नहीं था।
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ऐसी कोई बात नहीं हुई : सुधीर
पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा कि प्रेस वार्ता से पहले ऐसी कोई बात नहीं हुई। अगर ऐसी कोई बात हुई भी होगी तो उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।
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कार्यकर्ता नहीं करता कभी भी भितरघात : राणाकांग्रेस कार्यकर्ता राकेश राणा ने इस मसले पर कुछ भी कहने से इंकार किया। उन्होंने इतना जरूर कहा कि कार्यकर्ता कभी भी भितरघात नहीं करता है।
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हंगामे के बाद फेसबुक पर भड़ास : याचना नहीं अब रण होगा
दिन को होटल कुनाल के बाहर हुए हंगामे के बाद जिला कांग्रेस कमेटी के सदस्य राकेश राणा ने अपने फेसबुक पेज पर जमकर भड़ास निकाली। राणा ने फेसबुक पेज पर लिखा कि याचना नहीं अब रण होगा...युद्ध महाभीषण होगा। इस तीखे पोस्ट पर शाम तक धड़ाधड़ कमेंट होने लगे। कुछ पुराने कार्यकर्ताओं ने पेज को लाइक भी किया और कमेंट भी लिखे।
फेसबुक पर कमेंट :
राकेश राणा : अदब से झुकना मेरी फितरत में शामिल था, मगर हम क्या झुके लोग तो खुद को खुदा समझ बैठे।
रवि : अरे भई इलेक्शन में हरवा कर अरमान पूरे कर तो लिए।
शैषव गौतम : कौन से अरमान श्रीमान जी हार खुद की वजह से हुई है किसी ने नहीं हरवाया है
प्रदीप चौधरी : राणा जी हम हर युदध् में साथ हैं साथ रहेंगे
राकेश राणा : किसी भी व्यक्ति की सहनशीलता एक खिंचे हुए रबड़ की तरह होती है। एक सीमा से ज्यादा खिंच जाने पर उसका टूटना तय है।
आखिर डेढ़ माह तक क्यों चुप रहे राकेश
कांग्रेस हंगामे खबर का जोड़
आखिर डेढ़ माह तक क्यों चुप रहे राकेश
धर्मशाला। विकास के दम पर चुनाव लड़ने की बात कहने वाले सुधीर शर्मा अपनी हार के डेढ़ माह बाद पहली बार प्रेस वार्ता कर रहे थे। हार के बाद धर्मशाला में खुद को राजनीतिक रूप से फिर से संजीवनी देने के पहले प्रयास के दौरान ही हंगामा होना कई सियासी निहितार्थ और समीकरणों को जन्म दे रहा है। सवाल यह भी उठ रहा है कि राकेश राणा के मन का रोष आखिर हार के डेढ़ माह तक बाहर क्यों नहीं निकला। हार के बाद सुधीर की पहली प्रेस वार्ता में ही क्यों उनका रोष बाहर निकला। माना यह भी जा रहा है कि कुछ कांग्रेसी अब सुधीर शर्मा को धर्मशाला में राजनीतिक रूप से सक्षम नहीं होने देना चाहते। वे सुधीर के विकल्प के रूप में धरती पुत्र को चाह रहे हैं। उस धरती पुत्र के अक्स में कुछ पुराने कार्यकर्ता खुद को तो कभी चंद्रेश कुुमारी को देख रहे हैं।