धर्मशाला। पर्यटन नगरी मैक्लोड़गंज में आत्मदाह करने वाले तिब्बती मूल के युवक की शिनाख्त पस्साग ढोंढुप के रूप में हुई है। पुलिस को आत्मदाह करने वाले युवक के बैग से मिले कपड़ों और चाबी से युवक के कमरे का ताला खुलने और स्थानीय लोगों के युवक के कपड़ों और चप्पलों को पहचानने के बाद शिनाख्त हुई है।
पुलिस अधीक्षक रमेश छाजटा ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि नोरबूलिंगा में कारपेंटर का काम करने वाला पस्साग ढोंढुप शनिवार से लापता है। ढोंढुप सिद्धबाड़ी में किराये के कमरे में रहता था। इसके चलते पुलिस ने इन दोनों मामलों को जोड़ते हुए तिब्बती युवक के सामान में मिली चाबी से सोमवार को सिद्धबाड़ी स्थित ढोंढुप के कमरे को खोला। इस दौरान पुलिस को वहां से आरसी, वीजा और पीएनबी बैंक की एक पासबुक मिली, जिसमें उसका नाम पस्साग ढोंढुप दर्शाया गया है। वहीं आत्मदाह करने के स्थान पर मिले कपड़े तथा चप्पलों को स्थानीय लोगों ने पहचान लिया है, लेकिन अभी तक ढोंढुप के रिश्तेदारों के सबंध में कोई भी जानकारी नहीं मिल पाई है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने आत्मदाह करने वाले युवक के कपड़ों पर मिले पेंट और किराये के मकान में मिले पेंट के सेंपल लेकर लेबोरेटरी भेजे हैं। दोनों की रिपोर्ट आने के बाद ही इसकी सही पुष्टि हो पाएगी। उल्लेखनीय है कि शनिवार शाम को दलाईलामा मंदिर के समीप लाग्यारी मोनेस्ट्री के रास्ते में एक व्यक्ति ने आत्मदाह कर लिया था। मृतक व्यक्ति की मौके पर कोई भी पहचान नहीं हो पाई थी। शव की पहचान न होने के चलते पुलिस ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बसे तिब्बती समुदाय के लोगों को उसकी पहचान के लिए फोटो भी भेजी थी। इसी के बाद नोरबूलिंगा से लापता तिब्बती मूल के व्यक्ति की सूचना पुलिस को मिली।