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शिक्षा के प्रति नीति स्पष्ट करें राजनीतिक दल : मंच

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धर्मशाला। हिमाचल शिक्षक मंच ने विधानसभा चुनावों में भाग लेने वाले दलों से चुनावी घोषणा पत्र में शिक्षा को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग उठाई है। रविवार को धर्मशाला में हुई मंच की बैठक में विस चुनावों को लेकर रणनीति तैयार की गई।
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मंच के संयोजक सदस्यों अश्वनी भट्ट, संजय मोगू, अनिश बन्याल, तपिष थापा, विजय शमशेर भंडारी और अजय चौधरी ने कहा कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय को लेकर राजनीतिक दलों का अलग से घोषणा पत्र जारी होने चाहिए। क्योंकि, इससे न केवल शिक्षक वर्ग जुड़ा है, जबकि गैर शिक्षक वर्ग कर्मचारियों सहित हर क्षेत्र से जुड़े लोग इससे प्रभावित होते हैं। मंच ने मांत्र पत्र तैयार किया है और दलों से आह्वान किया है कि, जो भी दल इन मांगों को मानेगा। शिक्षा विभाग में कार्यरत प्रदेश के एक लाख के करीब कर्मचारी उनको समर्थन देंगे।
मंच ने कहा कि शिक्षा के स्तर के सुधार के लिए इस पर होने वाले खर्च को वर्तमान के तीन प्रतिशत से बढ़ाकर कम से कम दस प्रतिशत करने, शिक्षकों की भर्ती केवल भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के तहत ही की जाए, शिक्षकों के प्रशिक्षण और उनकी समस्याओं को निपटाने के लिए जेसीसी, उच्चतर शिक्षा निदेशालय का गठन, एलिमेंटरी में नर्सरी से आठवीं, सेकेंडरी में नौवीं से जमा दो, जबकि उच्चतर में कॉलेज कैडर के मामले देखे जाएं। नर्सरी और प्री नर्सरी कक्षाएं, निजी पाठशालाओं की संबद्धता के लिए समीप के सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्या की एनओसी, नई पाठशाला को खोलने एवं स्तरोन्नत करने की शर्तों को कड़ा करने, शिक्षकों की तबादला नीति, अध्यापकों की प्रतिनियुक्ति और निरीक्षण निदेशालय को रद्द करने, शिक्षकों की नियुक्तियां नियमित आधार पर करने और गैर शैक्षणिक कार्यों से दूर रखने सहित पुरानी पेंशन बहाली और स्कूल में मुख्य शिक्षक, केंद्रीय मुख्य शिक्षक, वीपीईओ, मुख्याध्यापक और प्रधानाचार्या के सभी पदों पर 25 प्रतिशत सीधी भर्ती से योग्यता परीक्षा के आधार पर नियुक्त किया जाए।
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