धर्मशाला। नगर निगम धर्मशाला की आमसभा में इस बार सरकारी सीमेंट के दुरुपयोग और एमसी कर्मचारी पर हुए 420 के केस खूब गूंजेगा। महापौर, उपमहापौर और पार्षदों ने एमसी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मोर्चा खोला दिया है।
इस महीने एमसी धर्मशाला के स्टोर में 300 बैग सीमेंट के बरसात के कारण खराब हो गए। उसके बाद एक कर्मचारी ने कार्यक्रम करवाने के लिए अपने स्तर पर ही एक संस्था को अनुमति दे दी। कार्यक्रम करवाने वाली संस्था को बाकायदा रसीद देकर 50 हजार रुपये वसूल किये। अतिरिक्त आयुक्त सुखदेव ने कर्मचारी के खिलाफ पुलिस में 420 के तहत मामला दर्ज करवाया है। वहीं, अब तीसरे मामले में एमसी के ठेकेदार के घर व दुकान में छापामारी कर सरकारी सीमेंट के बैग बरामद किए गए हैं, जो एमसी के लचर प्रबंधन को दर्शाता है। उधर, महापौर रजनी ब्यास ने कहा कि सरकारी सीमेंट का इस प्रकार दुरुपयोग करने और अपने स्तर पर कर्मचारी की कार्यक्रम करवाने की अनुमति देना का मामला हाउस में अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा। उपमहापौर देवेंद्र जग्गी ने कहा कि सीमेंट की इस प्रकार बर्बाद को लेकर हाउस में प्रस्ताव रखा जाएगा। जिस भी अधिकारी या कर्मचारी की गलती से सीमेंट बर्बाद हुआ है, उसके खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर निर्णय लिया जाएगा। वहीं, भाजपा समर्थित पार्षद ओंकार नेहरिया, तजेंद्र कौर, सर्व चंद ने कहा कि सरकारी सीमेंट के लिए उचित स्टोर न होने के कारण दुरुपयोग हो रहा है।
ठेकेदार पर गाज गिराना तय
नगर निगम धर्मशाला के आयुक्त संदीप कदम ने कहा कि जिस ठेकेदार के घर से सरकारी सीमेंट के बैग मिले हैं, उसके खिलाफ जल्द सख्त कार्रवाई की जाएगी।