नशे से एकाग्रता बढ़ती तो टॉपर्स होते नशेड़ी : एसएसपी
पुलिस की पाठशाला
पढ़ाई में ज्यादा मन लगने का भ्रम फैलाकर दिया जाता है नशे का प्रलोभन
अचीवर्स हब स्कूल धर्मशाला में लगी पुलिस की पाठशाला
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। 14 से 18 छात्र-छात्राओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से की गई पहल ‘पुलिस की पाठशाला’ के आयोजन का केंद्र इस बार अचीवर्स हब पब्लिक स्कूल धर्मशाला बना। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जिला कांगड़ा के एसएसपी (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक) संतोष पटियाल ने नौवीं, दसवीं और 11वीं के छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्परिणाम, साइबर क्राइम, ट्रैफिक नियम और लड़कियों और महिलाओं के साथ हो रहे अपराधों के बारे में जागरूक किया। एसएसपी ने बताया कि किशोर अवस्था में लड़के लड़कियां कैसे नशे और अन्य आपराधिक गतिविधियों की ओर अनजाने में आकर्षिक हो जाते हैं।
एसएसपी संतोष पटियाल ने बताया कि शराब, सिगरेट और बीयर आधुनिक रहन सहन का प्रमाण नहीं है। इनका सेवन किसी भी सूरत में बेहतर जिंदगी के लिए नहीं हो सकता है। पटियाल ने बताया कि आमतौर पर युवाओं में यह भ्रांति रहती है कि नशा करने से एकाग्रता बढ़ती है और पढ़ाई में ज्यादा मन लगता है। ऐसा होता तो नशेड़ी ही हमेशा टॉपर्स बनते, लेकिन अभी तक कोई भी नशेड़ी टॉपर नहीं बना। नशे को आधुनिकता का नाम दे दिया जाता है, जो गलत है। सार्वजनिक स्थल पर नशा करना आधुनिकता का हिस्सा कभी नहीं हो सकता। पटियाल ने छात्राओं से कहा कि वे गुड टच और बैड टच के बारे में सतर्क रहें। छेड़छाड़ के मामलों को गंभीरता से लें। पुलिस में जाने से कभी भी हिचकिचाएं नहीं। उन्होंने ट्रैफिक नियम सहित गुड़िया हेल्प लाइन, शक्ति ऐप, पुलिस हेल्पलाइन, एसएमएस सर्विस और 100 नंबर की भी जानकारी दी। छात्र छात्राओं ने एसएसपी कांगड़ा से कई सवाल भी किए, जिनका उन्होंने जवाब दिया।
बच्चों को सही दिशा देने में मिल कर करें प्रयास: एमडी
अचीवर्स हब स्कूल की प्रबंध निदेशक कृष्णा अवस्थी ने कहा कि टीन एज में बच्चों में कई बदलाव आते हैं। इस दौरान बच्चों को सही दिशा देने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने चाहिए। अमर उजाला फाउंडेशन का समाज के बदलाव में पुलिस की पाठशाला का आयोजन सार्थक प्रयास है।
लड़कियां ही नहीं, लड़के भी रहें मर्यादा में : प्रधानाचार्य
अचीवर्स हब स्कूल की प्रधानाचार्य मेघा टोक्स ने कहा कि बच्चों को समझना जरूरी है कि उनके खिलाफ जो हरकतें हो रही हैं। इसमें उनकी गलती नहीं है। बच्चियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर उन्हें पीड़ित होने से बचाया जा सकता है। लड़कियों को मर्यादा में रहने की सलाह दी जाती है। लेकिन, लड़कों को भी मर्यादा में रहना चाहिए।
छात्रों के सवाल
पुलिस तफ्तीश में लग जाता है आरोपी का पता
छात्र हार्दिक ने प्रश्न के उत्तर में एसएसपी कांगड़ा ने कहा कि यदि क्राइम करने वाले को आप नहीं जानते हो तो आप पुलिस में शिकायत करें। पुलिस तफ्तीश से आरोपी के बारे में पूरा पता लगाया जा सकता है।
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आत्मरक्षा के सीखें गुर
छात्र आर्यन के प्रश्न के जवाब में पटियाल ने कहा कि लड़कियों को ही नहीं बल्कि सभी को आत्मरक्षा के गुर सीखने चाहिए। इससे छिटपुट घटनाओं में बच्चें अपनी रक्षा खुद कर सकते हैं।
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आत्मरक्षा के दौरान नुकसान की नहीं कोई सजा
छात्रा माशा के प्रश्न के जवाब में कहा कि यदि कोई लड़की अपनी आत्म रक्षा करते हुए किसी पर हथियार से प्रहार कर घायल कर देती है तो ऐसी स्थिति में तथ्यों के आधार पर उसे सजा का प्रावधान नहीं है।
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कोई फब्तियां कसे तो पुलिस में करें शिकायत
छात्रा श्रष्ठि के सवाल के जवाब में एसएसपी ने कहा कि यदि कोई लड़का या व्यक्ति महिलाओं पर फब्तियां कसें, तो इसकी शिकायत सीधे पुलिस को करें। कई मामलों में लड़कियां शिकायत करने से हिचकिचाती हैं और शिकायत नहीं करती। इससे बिगड़ैलों के हौसले और भी बुलंद होते हैं।
कई दवाइयों को बिना रिकार्ड नहीं बेच सकते
छात्र वंशक के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कई ड्रग्स को सरकार ने बंद कर दिया है। लेकिन, कई को बंद नहीं किया जा सकता। क्योंकि, इनका दवाइयों में प्रयोग होता है। जो कई बीमारियों के इलाज के लिए होता है। इन दवाइयों के स्टॉक का रिकॉर्ड रखने के दवाई विक्रेताओं को निर्देश होते हैं।
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छात्र आर्यांश के सवाल के जवाब में कहा कि नशे के खिलाफ मुहिम के लिए पुलिस ने कई सेल गठित किए हैं, जिसके माध्यम से नशा करने और बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।