अमर उजाला ब्यूरो
लंज (कांगड़ा)। शाहपुर विधानसभा क्षेत्र की भरूहपलाहड़ पंचायत के वटवल्ला गांव में डायरिया फैल गया है। 10 दिन से गांव के लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। गांव के छोटू राम, सोमराज, सुरेश कुमार, रतन चंद, आशा देवी, पायल, वरुण, जगदीश चंद, दर्शना देवी, दीपांशी, अभय, महक, संदीप, कंचना देवी, तनू, मंजू, शुभम और नेहा ने कहा कि 120 जनसंख्या की आबादी वाले गांव में से 80 लोग बीमारी की चपेट में आ गए हैं। इसमें छोटी बच्ची तनू 14 जनवरी से नगरोटा सूरियां अस्पताल में दाखिल है। इसके अलावा अन्य लोग भी नगरोटा सूरियां अस्पताल में जाकर अपना इलाज करवा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि गंदे पानी के कारण लोग बीमारी की चपेट में आए हैं। लोगों ने इस बारे में पंचायत प्रधान से शिकायत की है कि आईपीएच विभाग को इसके बारे में अवगत करवाए। वहीं,
ग्रामीणों का कहना है कि लंज अस्पताल में डॉक्टर न होने के कारण लोगों को टांडा और नगरोटा सूरियां का रुख करने को मजबूर होना पड़ता रहा है। लोगों का कहना है कि गांव के सभी परिवार बावड़ियों और हैंडपंप का पानी पीते हैं, लेकिन आज तक इस प्रकार की बीमारी से कभी ग्रस्त नहीं हुए। पंचायत प्रधान नरेश कुमार ने कहा कि गांव के लोग उनके पास समस्या लेकर आए थे। आईपीएच विभाग को इसके बारे में अवगत करवा दिया है।
विभाग ने की बावड़ियों की क्लोरीनेशन
आईपीएच उपमंडल मनेई के एसडीओ सुमेश धीमान ने कहा कि डायरिया के बारे में पता चलते ही गांव की बावड़ियों में कर्मचारियों ने क्लोरीनेशन निर्देश कर दिए हैं। जहां तक विभाग के भंडारण टैंकों का मामला है तो टैंकों में समय-समय पर सफाई की जा रही है।
कोट्स
-बीएमओ तियारा और शाहपुर की दो टीमें बनाई गई हैं। मंगलवार को दोनों टीमें उपरोक्त गांव में जाकर निरीक्षण करेगीं। - आरएस राणा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
कोट्स
- सीएमओ धर्मशाला को वटवल्ला गांव में लोगों को उपचार करने की हिदायत दी गई है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को लंज अस्पताल में डाक्टर के रिक्त पद को भरने का आग्रह किया गया है।
-सरवीण चौधरी, शहरी विकास मंत्री