कांगड़ा जिला में 55,190 लोगों की छाती के किए एक्सरे, 12051 की नॉट जांच
100 दिवसीय अभियान के बाद भी कांगड़ा में जोखिमपूर्ण आबादी के करेंगे एक्सरे
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। जिला कांगड़ा में 100 दिवसीय टीबी अभियान के तहत अभी तक 2.6 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। टीबी की जोखिमपूर्ण आबादी में स्वास्थ्य विभाग की ओर से 2.6 लाख लोगों को चिन्हित किया गया था। इसमें से सभी की स्क्रीनिंग की जा चुकी है।
वहीं, अभी तक 55,190 लोगों की विभिन्न क्षेत्रों में लगाए गए टीबी जांच शिविरों में पोर्टेबल एक्सरे मशीन से इनकी छाती के एक्सरे किए जा चुके हैं। इसमें से 12,051 लोगों की नॉट जांच की जा चुकी है। अभी तक स्वास्थ्य विभाग ने 100 फीसदी लक्ष्य पूरा कर लिया है।
हालांकि प्रदेश सरकार की ओर से अभी टीबी की जोखिमपूर्ण आबादी का दायरा बढ़ाया गया है। पहले इसमें 30 श्रेणियां शामिल थीं, लेकिन अब उन्हें बढ़ाकर 45 कर दिया गया है। वहीं, सभी जोखिमपूर्ण आबादी की नॉट जांच भी की जाएगी, ताकि टीबी के नए मरीजों का समय रहते इलाज शुरू किया जा सके, ताकि टीबी से होने वाली मृत्यु दर को कम किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अप्रैल माह में भी लोगों के एक्सरे जारी रहेंगे। इसके लिए विभाग की ओर से शेड्यूल जारी कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार जिला कांगड़ा में स्वास्थ्य विभाग के पास एक्सरे करने के लिए अपनी एक ही पोर्टेबल एक्सरे मशीन है। वहीं, जिले की अन्य संस्थाओं की एक्सरे मशीनों की मदद से टीबी की जांच की जा रही है। अपनी केवल एक मशीन होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने लक्ष्य पूरा कर लिया है। पूरे प्रदेश में अभी तक 1,81,765 लोगों के एक्सरे किए गए हैं, जिनमें से 55,190 एक्सरे केवल जिला कांगड़ा में ही किए जा चुके हैं।
कोट्स...
जिला कांगड़ा में 100 दिवसीय अभियान के तहत जोखिमपूर्ण आबादी की स्क्रीनिंग के साथ 55 हजार से अधिक लोगों की एक्सरे जांच की जा चुकी है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि टीबी के नए मरीजों का समय पर इलाज शुरू किया जा सके और टीबी से होने वाली मृत्यु दर को कम किया जा सके। अप्रैल माह में स्वास्थ्य खंड शाहपुर, तियारा और डाडासीबा में एक्सरे के लिए शेड्यूल जारी कर दिया गया है।
-डॉ. राजेश सूद, जिला स्वास्थ्य अधिकारी