अस्पताल में मरीज की जान जाने से गुस्साए तीमारदार
एक घंटा शव जमीन पर रखकर प्रबंधन के खिलाफ की नारेबाजी
तीमारदारों का आरोप, समय पर मिलती एबुलेंस तो बच जाती जान
अमर उजाला ब्यूरो
पालमपुर (कांगड़ा)। सिविल अस्पताल पालमपुर में एक्सीडेंट के मरीज को एंबुलेंस न मिल पाने पर तीमारदारों ने जम कर हंगामा किया। तीमारदारों
का आरोप है कि उन्हें मौके पर एंबुलेंस मिल जाती तो शायद, उनके घायल की जान नहीं जाती। मरीज के मीमारदारों ने अस्पताल में करीब एक घंटे तक नारेबाजी की और शव को भी नीचे रख दिया। बनोडू के पास एक सड़क दुर्घटना हो जाने से मरीज की जान चली गई है। इस संदर्भ में अभी तक पालमपुर पुलिस में किसी के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई है, जबकि पालमपुर अस्पताल प्रबंधन ने मामले में कार्रवाई करने की बात कही है। जानकारी के अनुसार रविवार को राष्ट्रीय राजमार्ग पठानकोट-मंडी के बनोड़ में एक कार दुर्घटना में एक व्यक्ति घायल हो गया। इस पर घायल व्यक्ति मिलाप चंद को पालमपुर अस्पताल लाया गया, लेकिन उसकी हालत देख कर उसे टांडा रेफर कर दिया है। इस पर मरीज के तीमारदारों ने अस्पताल में मौजूद चिकित्सक से एंबुलेंस की मांग की, लेकिन चिकित्सक ने तीमारदारों से कह दिया है कि अस्पताल में एंबुलेंस नहीं है, जबकि सूत्रों की मानें तो अस्पताल में एंबुलेंस और चालक दोनों मौजूद थे। चिकित्सक के एंबुलेंस के मना करने पर आनन फानन में अपनी गाड़ी में ले जा रहे व्यक्ति की अस्पताल में ही मौत हो गई। इससे गुस्साए तीमारदारों ने अस्पताल में जम कर नारेबाजी की। लिहाजा, मौके पर आए अस्पताल के एमएस ने स्थिति को संभाला। उसके बाद मरीज का पोस्टमार्टम करवाया गया।
इनसेट
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अस्पताल चिकित्सक के खिलाफ होगी जांच : एमएस
उपमंडलीय अस्पताल पालमपुर के एमएस डॉ. विनय महाजन ने कहा कि ऐसा मामला हुआ है। अस्पताल में एंबुलेंस न देने पर चिकित्सक के खिलाफ जांच की जाएगी। उसके बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस में नहीं आई कोई शिकायत: एसएचओ
थाना प्रभारी भूपेंद्र ठाकुर ने कहा कि अस्पताल में ऐसा मामला हुआ था। लेकिन किसी ने भी पुलिस में किसी के खिलाफ कोई जांच नहीं करवाई है। शिकायत आती है तो पुलिस जांच करेगी।