रैहन (कांगड़ा)।
समय 11:07 मिनट... स्थान रैहन स्टेडियम... जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला रैली स्थल पर बने मंच के पीछे पहुंचा तो पूरा पंडाल मोदी के नारों से गूंज उठा। मंच पर पीएम ने अपनी दाईं तरफ बैठे भाजपा के सीएम पद के उम्मीदवार प्रेम कुमार धूमल और बाईं तरफ बैठे वरिष्ठ नेता शांता कुमार के साथ गुफ्तगू की।
मोदी ने अपने भाषण में प्रेम कुमार धूमल को भावी मुख्यमंत्री और शांता कुमार को यशस्वी नेता की संज्ञा दी। उन्होंने इस दौरान हिमाचल प्रभारी रहते धूमल के संग अपने कार्यकाल को भी याद किया। इसके बाद मोेदी को हिमाचली टोपी और शाल भेंटकर सम्मानित किया। इंदौरा विस क्षेत्र से विधायक मनोहर धीमान ने उन्हें काठगढ़ महादेव का चित्र भेंट किया। 11:20 बजे पीएम ने मंच पर उपस्थित भाजपा के सात विस हलकों के प्रत्याशियों नूरपुर से राकेश पठानिया, जवाली से अर्जुन ठाकुर, फतेहपुर से कृपाल परमार, इंदौरा से रीता धीमान, डल्हौजी से डीएस ठाकुर, चंबा से पवन नैय्यर, चुराह से हंसराज का जनता से परिचय करवाया। पीएम ने कृपाल परमार को अपना पुराना साथी बताया। करीब एक घंटे के संबोधन में सर्वप्रथम मोदी ने अंग्रेजों से लोहा लेने वाले क्षेत्र के वीर सपूत वजीर राम सिंह पठानिया की जन्मभूमि को नमन किया। अपने पूरे भाषण में मोदी ने बार बार स्वतंत्रता सेनानी राम सिंह पठानिया का जिक्र किया। पीएम ने कहा कि जब पार्टी ने उन्हें बताया कि सुबह के समय रैली है तो ज्यादा उत्साहित नहीं थे। उन्हें लगा कि पहाड़ में लोग इतनी सुबह कैसे जुटेंगे, लेकिन भारी भीड़ ने उन्हें अचंभित कर दिया। मोदी जब पंडाल में भाषण दे रहे थे तो बाहर सड़कों, आसपास की इमारतों पर लोग चढ़कर उन्हें देखने और भाषण सुनने को उत्साहित थे। जितनी भीड़ अंदर थी उतनी ही भीड़ बाहर खचाखच सड़कों पर भरी थी।
मोदी रैली से फतेहपुर भाजपा को मिली संजीवनी
बागियों की चुनौती से जूझने को मिलेगा बल
मनमोहन चंबियाल
फतेहपुर(कांगड़ा)। गुटबाजी में बंटी फतेहपुर भाजपा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैहन रैली संजीवनी साबित हो सकती है। फतेहपुर से भाजपा के बागी राजन सुशांत और बलदेव ठाकुर के बतौर आजाद उम्मीदवार मैदान में उतरने के बाद चुनौतियों से जूझ रही फतेहपुर भाजपा प्रधानमंत्री मोदी की रैली में उमड़े जनसैलाब को वोट में बदलने की संभावना देख रही है। भाजपा के दोनों बागी उम्मीदवार अपने चुनाव प्रचार में भाजपा प्रत्याशी कृपाल परमार के बाहरी होने को मुद्दा बना रहे हैं। फतेहपुर भाजपा के लिए सबसे बड़ी मुसीबत कई पुराने भाजपाइयों और भाजपा मंडल के कुछ पदाधिकारियों की और खुलकर बागियों का साथ देना है। भाजपा के दोनों बागी राजन सुशांत और बलदेव ठाकुर भाजपा के खिलाफ बोलने के बजाय भाजपा प्रत्याशी कृपाल परमार के बाहरी होने को मुद्दा बनाकर भाजपा के परंपरागत वोट बैंक पर सेंध लगाने की रणनीति पर चल रहे हैं। अब देखना यह होगा कि फतेहपुर में बाहरी उम्मीदवार के उछाले जा रहे मुद्दे के बीच रैहन रैली भाजपा प्रत्याशी को जीत दिलाने में मददगार साबित होती है या नहीं।