अमर उजाला ब्यूरो
गुलेर (कांगड़ा)। प्रदेश सरकार के पांच साल के कार्यकाल में आयुर्वेद डॉक्टरों की बैचवाइज एक भी नियुक्ति नहीं हुई। वहीं, पूर्व सरकार के कार्यकाल में आयुर्वेद डॉक्टरों के 350 से ज्यादा पद भरे गए थे। यह बात हिमाचल प्रदेश बेरोजगार आयुर्वेद चिकित्सक संघ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. योगेश रैणा ने पत्रकार वार्ता में कही।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस शासन में आयुर्वेद विभाग का भट्ठा बैठ गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 150 आयुर्वेद चिकित्सकों और आयुर्वेद फार्मासिस्ट के 535 पद रिक्त पड़े हैं। रैणा ने कहा कि आयुर्वेद विभाग मे कुल विभिन्न 1670 पद रिक्त पड़े हैं, जिसके लिए प्रदेश कांग्रेस सरकार जिम्मेदार है। आयुर्वेद विभाग को आयुष मिशन के तहत केंद्र सरकार से करोड़ों रुपये मिलते हैं, लेकिन आयुर्वेद विभाग पैसा खर्च करने मे विफल रहा है। आयुर्वेद अस्पतालों मे टेस्ट सुविधा ही उपलब्ध नहीं है। आयुर्वेद स्वास्थ्य केंद्र, अस्पताल सप्लाई में दवाई निम्न स्तर की है जो कि बाहरी राज्यों से मंगवाई जाती हैं, जबकि प्रदेश की फार्मेसियों में दवाई की गुणवत्ता श्रेष्ठ है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पीएचसी और सीएचसी में एक पद पर आयुर्वेदिक चिकित्सक की नियुक्ति पूरे स्टाफ के साथ की जाए, ताकि लोगों को एक ही छत के नीचे संपूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं मिल पाएं और नौकरी की आस में बैठे कई बेरोजगार आयुर्वेदिक चिकित्सक लाभ ले सकें। उन्होंने उम्मीद जताई है कि विधानसभा चुनावों के उपरांत सत्ता में आने वाली पार्टी बेरोजगार आर्युर्वेदिक चिकित्सकों की समस्याओं का निपटारा करेगी ।