कोटला (कांगड़ा)। 32 मील के समीप भूस्खलन होने से पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग करीब साढ़े आठ घंटे बंद रहा। मार्ग सुबह करीब पांच बजे भूस्खलन होने से बंद हो गया, जबकि करीब डेढ़ बजे उसे बहाल किया जा सका।
राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने से लंबी दूरी के यात्रियों सहित स्कूल, कॉलेज, आईटीआई और अन्य कार्यालयों में नौकरी करने वाले कर्मचारियों को परेशानी हुई। लोग समय पर अपने संस्थानों में नहीं पहुंच पाए, जबकि रोजमर्रा की वस्तुओं की गाड़ियां भी यहां पर फंसी रहीं। इससे कई स्थानों पर इन वस्तुओं की सप्लाई नहीं हो पाई। दिनभर कर्मचारी मलबा हटाने में लगे रहे। लेकिन, सड़क से मलबा हटते ही फिर भूस्खलन हो रहा था। हालांकि, स्थानीय लोगों ने करीब तीन किलोमीटर पैदल सफर कर भाली पहुंचकर बस ली। लंबी दूरी वाले यात्रियों को 32 मील में रुककर ही रास्ता खुलने का इंतजार करना पड़ा। कुछ सरकारी एवं निजी बस वालों ने यात्रियों की अदला-बदली कर लोगों को उनके गंतव्य पर पहुंचाया।
बासा-महेवा सड़क पर हाल ही में लगाया डंगा गिरा
हरिपुर (कांगड़ा)। मूसलाधार बरसात के चलते हरिपुर, बनखंडी, बासा और महेवा मार्ग पर रानी महल से आगे तीखे मोड़ पर हाल ही में लगाया गया डंगा गिर गया। इसके चलते सड़क का आधा हिस्सा भी ध्वस्त हो गया। इस कारण इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई। लोक निर्माण विभाग देहरा के सहायक अभियंता ने बताया कि भारी बरसात की वजह से अन्य सड़कों का भी नुकसान हुआ है। विभाग के कर्मी कार्य में जुटे हुए हैं। शीघ्र ही रास्ते को बहाल कर दिया जाएगा।