कांगड़ा। कांगड़ा के साथ लगते नटेहड़ में सुषमा, सहौड़ा में रविंद्र कुमार और अब्दुलापुर में जीवन का मकान ढह गया। उधर, गगल लंज सड़क पर पहाड़ी के धंसने से दस मवेशी दबकर मर गए। जगह जगह एनएच के अवरुद्ध होने के कारण कांगड़ा नगर में दूध, सब्जियों व फलों की सप्लाई 11 बजे बाद ही बहाल हो पाई।
कांगड़ा बाईपास के नजदीक, समेला और पुराना कांगड़ा में एनएच पर ल्हासा गिरने से यातायात व्यवस्था ठप रही। टांडा मेडिकल कॉलेज के नजदीक पेड़ सड़क पर गिरने से यह सड़क मार्ग भी काफी समय तक बंद रहा। बारिश से लोनिवि को लगभग डेढ़ करोड़ के नुकसान का आकलन लगाया जा रहा है। बारिश से कांगड़ा लोक निर्माण मंडल के अंतर्गत 16 सड़कें पहाड़ियां धंसने व पुलियों के क्षतिग्रस्त होने से बंद हो गईं। देर सांय तक लोक निर्माण विभाग ने 11 सड़कों को यातायात के लिए बहाल कर दिया। विधायक पवन काजल ने सहौड़ा, नटेहड़ में क्षतिग्रस्त मकानों के पीड़ितों से मिलकर उन्हें प्रदेश सरकार से हरसभंव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। एसडीएम शशीपाल नेगी ने बताया कि बारिश से तीन मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। तीनों पीड़ितों को प्रशासन की तरफ से दस -दस हजार की फौरी राहत दी गई है। पीडब्लूडी के एक्सईएन संजीव महाजन ने कहा कि बारिश से मंडल के अंतर्गत 16 सड़कें बंद हुई, जिनमें 11 को बाद दोपहर यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है। गगल-लंज, पुराना कांगड़ा-नंदरूल, और अन्य सड़कों को भारी नुकसान होने कारण 16 अगस्त तक बहाल कर दिया जाएगा।