सबक लिया होता, तो टल सकता था हादसा
छह महीने पहले इसी स्पॉट से गिरा था ट्रक
सड़क पर नहीं लगे हैं पैरापिट, मार्ग की हालत भी थी खस्ता
अमर उजाला ब्यूरो
नूरपुर (कांगड़ा)। चेली गांव के समीप जहां निजी स्कूल बस गिरी है, उसी स्पॉट से करीब छह महीने पहले एक ट्रक भी गिरा था। बस उसी जगह से गिरकर ट्रक के मलबे पर जाकर पहुंची। प्रशासन और लोक निर्माण विभाग ने पुराने हादसे से सबक लिया होता, तो शायद यह हादसा टल सकता था। ट्रक गिरने के बाद आज तक इस सड़क पर पैरापिट तक नहीं लगाए गए। जानकारी के अनुसार मलकवाल-ठेहड़ संपर्क का निर्माण नाबार्ड के तहत किया गया है। इस पर अभी तक कोई पैरापिट नहीं लगाए गए हैं। उधर, लोक निर्माण विभाग नूरपुर के अधीक्षण अभियंता एसवी शर्मा ने कहा कि सड़क काफी समय पहले बनी है। अभी तक पैरापिट क्यों नहीं लगे हैं, इसकी जांच की जाएगी।
लिफ्ट लेना पड़ा भारी
निजी स्कूल बस में कुलाहड़ की पूनम पठानिया ने लिफ्ट ली थी, जो हादसे का शिकार बन गईं। पूनम स्कूल के कुछ दूरी पर लिफ्ट लेकर अपने गांव जा रही थी, लेकिन हादसा होने से उसकी भी मौत हो गई।
पठानकोट अस्पताल में तोड़ा दम
दिव्य पठानिया सुपुत्री राकेश पठानिया निवासी ठेहड़, रिया सुपुत्री रघुवीर सिंह कुठेड़, हार्दिक गुलेरिया सुपुत्र कमलजीत निवासी सुल्याली ने पठानकोट के निजी अस्पताल में दम तोड़ा।