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जमीन पर फैल गया कांग्रेस का रायता

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जमीन पर फैल गया कांग्रेस का सियासी रायता
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वीरभद्र-सुक्खू की सियासी लड़ाई कार्यकर्ताओं तक पहुंची
सुनील चड्ढा
धर्मशाला। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 21 सीटों के निम्न स्कोर तक पहुंचाने वाली वीरभद्र सिंह और सुखविंद्र सिंह सुक्खू की लड़ाई का सियासी रायता अब पार्टी में जमीन स्तर तक फैलने लगा है। लोकसभा चुनाव से पहले ही विधानसभा चुनाव का ट्रेलर कांग्रेस पर हावी होने को आमादा हो रहा है। सियासी पिच पर एक-दूसरे के खिलाफ खुलकर बाउंसर मारने वाले वीरभद्र सिंह और सुक्खू की सेनाओं ने भी तीन सीटें जीतने वाले कांगड़ा में शब्दबाण चला दिए हैं।
वीरभद्र समर्थक 11 विधायकों के सुक्खू पर हमले के बाद सियासत की धुरी माने जाने वाले कांगड़ा जिले में कांग्रेस संगठन के पदाधिकारियों ने परोक्ष और अपरोक्ष रूप से वीरभद्र सिंह पर हमला बोला है। दो नेताओं की सियासी लड़ाई के बीच संगठन के पदाधिकारियों के कूदने के साथ ही जब जंग जमीनी स्तर पर शुरू हो गई है। पालमपुर, नूरपुर और कांगड़ा संगठनात्मक जिलों के अध्यक्ष और जिला परिषद कांगड़ा के उपाध्यक्ष सुक्खू के समर्थन में आ खड़े हुए हैं। जिला परिषद उपाध्यक्ष विशाल चंबयाल, नूरपुर संगठनात्मक जिला के अध्यक्ष कर्ण पठानिया, पालमपुर जिला के अध्यक्ष कर्ण शर्मा ने सुक्खू के कार्यकाल को बेहतरीन बताया। इनमें से कुछेक ने तो वीरभद्र सिंह की शिकायत राहुल गांधी से करने एलान किया है। अपने नेताओं को लड़ते देख कांगड़ा में कांग्रेस कार्यकर्ता भी अब दो धड़ों में बंटकर समर्थन और विरोध की सियासत कर रहे हैं। कांग्रेस की जमीनी लड़ाई ने भाजपा को घर बैठे हाथ में सियासी मुद्दा थमा दिया है।
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सुधीर और बाली ने किया घमासान से किनारा
कांगड़ा में कांग्रेस के दो बड़े नेताओं जीएस बाली और सुधीर शर्मा ने दोनों नेताओं को अनुशासन में रहने की नसीहत दी है। वीरभद्र और सुक्खू के बीच चल रही जुबानी जंग पर अमर उजाला से पूर्व मंत्री जीएस बाली ने कहा कि नेताओं को एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए। व्यक्ति नहीं, पार्टी सुप्रीम होती है इसलिए अनुशासन में रहना जरूरी है। सुधीर शर्मा ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले अंतर्विरोध सही नहीं है। इससे पार्टी को नुकसान होता है। कांग्रेस के सभी नेताओं को संगठित होकर भाजपा सरकार के गलत काम जनता के समक्ष उजागर करने चाहिए। पूर्व विस अध्यक्ष बीबीएल बुटेल ने कहा कि पार्टी नेताओं को एक-दूसरे के खिलाफ नहीं बोलना चाहिए।
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चंद्र सुक्खू, पाल कर रहे वीरभद्र की तारीफ
पूर्व मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि सुक्खू का कार्यकाल अच्छा रहा है। अगर नेता इकट्ठे नहीं होंगे तो चुनावी लड़ाई कैसे जीती जा सकेगी। पूर्व सीपीएस जगजीवन पाल ने कहा कि वीरभद्र वरिष्ठ एवं बुजुर्ग नेता हैं। सुक्खू को पलटकर जवाब नहीं देना चाहिए। बुजुर्ग समझ कर वीरभद्र की सुक्खू को सुन लेनी चाहिए। उधर, पूर्व विधायक यादवेंद्र गोमा ने कहा कि इस समय वह तो साइलेंट ही रहना चाहते हैं।
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