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राजा का तालाब का निजी अस्पताल सील

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राजा का तालाब में निजी अस्पताल
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रैहन में अल्ट्रासाउंड मशीन सील
पंजीकरण के लिए गलत सूचना देने पर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई
विभाग ने अस्पताल के डॉक्टरों की डिग्रियां भी तलब कीं
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। कांगड़ा जिला के राजा का तालाब में स्वास्थ्य विभाग ने एक निजी अस्पताल को सील कर दिया है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने रैहन के कर्म चंद का ऑपरेशन के नाम पर पेट फाड़कर तड़पता छोड़ने वाले दूसरे निजी अस्पताल की अल्ट्रासाउंड मशीन भी सील कर दी है। विभाग ने अब अस्पताल के डॉक्टरों की डिग्रियां भी तलब की हैं। बता दें कि स्वास्थ्य विभाग को शक है कि कर्म चंद का ऑपरेशन विशेषज्ञ चिकित्सक ने नहीं किया है और अस्पताल का अन्य स्टाफ भी नियमों के अनुसार प्रशिक्षित नहीं है। इसी महीने 14 अगस्त को स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार के रैहन दौरे के दौरान स्वास्थ्य विभाग और पुलिस को निजी अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की हिदायत दी थी। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ती है तो अस्पताल को सील कर दें। स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों के बाद मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा की अगुवाई में विभागीय टीम ने राजा का तालाब के निजी अस्पताल के दबिश दी। जिसे पहले ही क्लीनिकल एस्टेब्लिशमिशमेंट एक्ट को लेकर नोटिस जारी किया था और आरोप था कि अस्पताल प्रशासन ने अपने पंजीकरण के दौरान जो चिकित्सक दर्शाये गए थे, असल में वह एक भी चिकित्सक अस्पताल में तैनात नहीं था। इस पर अस्पताल को सील कर दिया है, जबकि कर्म चंद के साथ अन्याय करने वाले दूसरे निजी अस्पताल की अल्ट्रासाउंड मशीन सील कर दी है, जबकि मामले की जांच को जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश गुलेरी, बीएमओ फतेहपुर डॉ. सुरेंद्र सिंह और डॉक्टर विक्रांत के जांच टीम का गठन किया है।

पंजीकरण को दी गई सूची वाले चिकित्सक नहीं मिले
निजी अस्पताल ने जब स्वास्थ्य विभाग में क्लीनिकल एस्टेब्लिशमिशमेंट एक्ट के तहत पंजीकरण करवाया था तो अस्पताल प्रशासन ने यहां तैनात चिकित्सकों की सूची दी थी। इसके बाद चिकित्सकों को लेकर क्षेत्र के लोगों की शिकायतें आने लगी थी। जब विभाग ने जांच की तो पाया कि पंजीकरण के दौरान जिन चिकित्सकों ने सूची विभाग को दी गई है असल में वह एक भी डॉक्टर अस्पताल के तैनात ही नहीं है। जिस पर मई माह के अस्पताल को नोटिस जारी कर डॉक्टरों की तैनाती करने के निर्देश जारी किए थे, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने चिकित्सकों की तैनाती ही नहीं कर पाया, जिस पर अस्पताल का सील कर दिया गया है।
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-राजा का तालाब के निजी अस्पताल को गलत तरीके के पंजीकरण करवाने को लेकर सील किया गया है, जबकि रैहन के निजी अस्पताल की अल्ट्रासाउंड मशीन सील की गई है, मशीन में कई खामियां पाई गई थीं।
डॉ. आरएस राणा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा
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