नूरपुर (कांगड़ा)। आखिरकार वो दिन आ ही गया, जिसका क्षेत्र की जनता और नेताओं दोनों को बेसब्री से इंतजार था। 18 दिसंबर को ईवीएम में बंद प्रत्याशियों के भाग्य का खुलासा हो जाएगा। जैसे-जैसे ईवीएम मशीनें खुलेंगी और नेताओं का चुनावी टिपड़ा बाहर आएगा, वैसे-वैसे विस चुनाव से जुड़ी सियासी तस्वीर भी साफ होने लगेगी।
लिहाजा रविवार को नतीजा की घोषणा से ऐन पहले तक प्रत्याशियों का दिन का चैन और रात की नींद गायब होना लाजिमी है। कहना गलत नहीं होगा कि नूरपुर विस क्षेत्र की जनता का फैसला सुनने के इंतजार में राजनीतिक दिग्गजों ने रविवार की रात करवटें बदल-बदल कर गुजारी होगी। मौजूदा राजनीतिक समीकरणों पर नजर दौड़ाएं तो इस मर्तबा नूरपुर विस सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी अजय महाजन और भाजपा उम्मीदवार राकेश पठानिया के बीच कड़ा मुकाबला होने की संभावना है। पिछली बार बतौर निर्दलीय प्रत्याशी राकेश पठानिया ने कांग्रेस के अजय महाजन को कड़ी टक्कर दी थी। इस बार राकेश पठानिया करीब चौदह साल बाद पार्टी सिंबल पर चुनाव में उतरे हैं और एंटी इनकमबैंसी फैक्टर के चलते अपनी जीत को लेकर काफी आश्वस्त हैं।
इंदौरा (आरक्षित) विस क्षेत्र की बात करें तो यहां कांग्रेस प्रत्याशी कमल किशोर और भाजपा की रीता धीमान के बीच सीधा मुकाबला है। हालांकि, पिछली बार दोनों ही पार्टी उम्मीदवारों को पटकनी देकर भाजपा के कुनबे से छिटके निर्दलीय उम्मीदवार मनोहर धीमान बाजी मारने में कामयाब रहे थे।
फतेहपुर में इस बार रोमांचक है मुकाबला
फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र में इस मर्तबा चौकोने मुकाबले ने चुनाव नतीजों को लेकर नेताओं की धुकधुकी को बढ़ा दिया है। इस मर्तबा भाजपा ने नए चेहरे के तौर पर कृपाल परमार पर दांव लगाया है, जबकि पिछली बार भाजपा की टिकट पर चुनाव में उतरे बलदेव ठाकुर इस मर्तबा टिकट कटने के चलते बतौर निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव में किस्मत अजमा रहे हैं तो वहीं, पूर्व सांसद डॉ. राजन सुशांत ने भी इस बार आजाद प्रत्याशी के रूप में चुनाव में उतरे थे। जिसके चलते फतेहपुर सीट के चुनाव नतीजों पर सबकी नजरें टिकी है।
किसके दावों में कितना दम, ईवीएम बताएंगी
जवाली विस क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी अर्जुन ठाकुर ने भी कांग्रेस के वरिष्ठ ओबीसी नेता चंद्र कुमार के सामने कड़ी चुनौती पेश की है। हालांकि, पिछली मर्तबा भाजपा के बागी नेता संजय गुलेरिया के चुनाव में उतरने से भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा था, लेकिन इस बार संजय गुलेरिया के पीछे हटने से भाजपा जीत को लेकर आश्वस्त लग रही है। कुल मिलाकर नूरपुर, इंदौरा, फतेहपुर और जवाली की चारों विस सीटों के चुनाव नतीजों को लेकर जनता और प्रत्याशियों की बेकरारी चरम पर पहुंच चुकी है। बस इंतजार है तो ईवीएम से निकलने वाली सियासी दिग्गजों की चुनावी कुंडली का, जिससे साफ हो जाएगा कि किसके दावों में कितना दम है।