अमर उजाला ब्यूरो
पालमपुर (कांगड़ा)। संसदीय सीट कांगड़ा-चंबा में भाजपा में एक भी ब्राह्मण समुदाय के व्यक्ति को टिकट न मिलने पर कांगड़ा ब्राह्मण सभा में गुस्सा है। संसदीय क्षेत्र से भाजपा में एक भी प्रत्याशी को टिकट न देने पर इस समुदाय का अपमान किया गया है। अब समुदाय अपने हित में क्या करना चाहता है। इसके लिए एक कमेटी का गठन किया गया है और यह जल्द फैसला लेगी। हालांकि, सभा ने यह फैसला लिया है कि इस समय जहां पर भी ब्राह्मण समुदाय के आजाद उम्मीदवार खड़े हैं। उनका समर्थन किया जाएगा।
जिला ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष शांति शर्मा ने प्रेस वार्ता में कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व में बनी सरकार में करीब 14 ब्राह्मण विधायक बने थे, लेकिन अफसोस कि भाजपा ने इस बार जिला कांगड़ा और चंबा में किसी भी ब्राह्मण को टिकट नहीं दिया। समुदाय के प्रति भाजपा को क्यों नफरत हो गई है, जबकि कांग्रेस ने समुदाय के चार व्यक्तियों को टिकट दिया है। भाजपा के निर्माता अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण अड़वानी, मुरली मनोहर जोशी, सुषमा स्वराज और शांता कुमार की पालमपुर में ही बैठक हुई थी। उसमें कहा गया था कि सबका साथ सबका विकास। लेकिन अब यह पार्टी केवल मोदी और शाह की बनकर रह गई है। मोदी-शाह की यह नीति गुजरात में चलती होगी। हिमाचल में चलने वाली नहीं है। इतिहास गवाह है कि जब भी ब्राह्मणों के प्रति नफरत और विरोध किया है। वह अधिक दिन नहीं टिक सका है। इस मौके पर प्रीतम भारती, कैप्टन सतीश शर्मा, ओमप्रकाश लदोहिया, पंडित जगदीश, रमेश पंडित घनश्याम, रमेश पंडित, सुभाष शर्मा, कुलदीप नारायण, अजेश, शेष अवस्थी, राजेंद्र डोहरु, डॉ. दिनेश, सुभाष शास्त्री, रविंद्र शर्मा, सुदर्शना डोहरु, राजेंद्र चप्पल, अजय पकंज और अजेश कुमार आदि मौजूद रहे।
कमेटी का गठन किया
अपने हितों को लेकर ब्राह्मण सभा ने एक कमेटी का गठन किया है। इसमें समाज को संगठित करने पर नीति बनाई जाएगी। इस कमेटी में शांति शर्मा, प्रीतम भारती, पंडित जगदीश शर्मा, पंडित शेष अवस्थी, पंडित कुलदीप नारायण, डॉ दिनेश शर्मा, पंडित राजेंद्र चप्पल और सुदर्शना डोहरु सदस्य होंगे।