बैजनाथ (कांगड़ा)। उपमंडल के दोनों बड़े बाजारों बैजनाथ और पपरोला के लिए बाईपास का निर्माण बीते दो दशक से लटका हुआ है। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि सरकार बनने पर बाईपास के निर्माण को प्राथमिकता देने के दावे तो करते हैं, लेकिन उनके दावे बाद में हवा हो जाते हैं। बीते 20 वर्षों से बाईपास के निर्माण को लेकर प्रस्ताव बनते आ रहे हैं, लेकिन इन प्रस्तावों पर आज तक काम नहीं हुआ है।
कभी दोनों बाजारों में से तो कभी दोनों बाजारों के ऊपर बिनवा खड्ड के समीप और नीचे रेलवे लाइन की तरफ से बाईपास निकालने की बात कही जाती है, लेकिन हकीकत में बाईपास को लेकर कोई गंभीर पहल नहीं हुई है। बैजनाथ और पपरोला बाजार तंग होने के कारण ट्रैफिक लाइट्स की व्यवस्था के बावजूद जाम की स्थिति रहती है। हालांकि कुछ माह पहले एनएच विभाग ने दोनों बाजारों से कब्जे हटा कर मार्ग की चौड़ाई बढ़ाई है, लेकिन दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे यातायात का बोझ उठाने में यह मार्ग असहाय नजर आ रहा है। सरकारी कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों के खुलने और बंद होने के समय तो यातायात में एकदम बढ़ोतरी हो जाती है और जाम के कारण लोग समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाते हैं। यही नहीं पालमपुर के विवेकानंद अस्पताल और टांडा मेडिकल कॉलेज की तरफ जाने वाले समस्त रोगी वाहन इसी रास्ते से गुजरते हैं और कभी-कभी 108 एंबुलेंस भी जाम में फंसी दिखाई देती है।
-अभी बाजारों से फोरलेन निकालने पर विचार नहीं किया गया है। अब फोरलेन के हिसाब से ही बाईपास की डीपीआर तैयार करने के निर्देश हैं। प्रारंभिक तौर पर दो प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। अप्रैल 2018 तक इनके पूरा होने की उम्मीद है।
-अजय कुमार, एनएच के सहायक अभियंता
विधानसभा में उठाया मुद्दा : किशोरी लाल
-कांग्रेस प्रत्याशी किशोरी लाल का कहना है कि बाईपास सदैव उनकी प्राथमिकता में रहा है और विधानसभा में मुद्दा उठाने के बाद ही बाईपास के निर्माण के प्रारंभिक सर्वे के लिए राशि स्वीकृत करवाई गई है।
बाईपास निर्माण को प्राथमिकता : प्रेमी
भाजपा प्रत्याशी मुलख राज प्रेमी का कहना है कि केंद्र सरकार ने मार्ग को फोरलेन करने का निर्णय लिया है और भाजपा सरकार बनते ही बाईपास के निर्माण को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाया जाएगा। बाईपास का निर्माण केंद्र सरकार की योजना में शामिल है।