ज्वालामुखी (कांगड़ा)। स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने रविवार को ज्वालामुखी विस क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने मां ज्वाला की पवित्र ज्योतियों की पूजा अर्चना कर मां से आशीर्वाद लिया। विधायक रमेश धवाला ने स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष जनता की ओर से मांग रखी कि ज्वालामुखी के सिविल अस्पताल को पुराने स्थान बस अड्डे के साथ बने सचिवालय में पूर्व की भांति शिफ्ट किया जाए। परमार ने ज्वालामुखी सिविल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान वहां पर कई खामियां पाई गईं और मरीजों ने भी स्वास्थ्य मंत्री को कई समस्याएं बताईं। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने मौके पर मौजूद सीएमओ और बीएमओ से इस अव्यवस्था पर जल्द जवाब मांगा। वहीं, सिविल अस्पताल के नए भवन का कार्य रोकने के लोनिवि के एक्सईएन को आगामी आदेशों तक निर्देश दिए हैं।
दो सौ आयुर्वेदिक डॉक्टर होंगे भर्ती
स्थानीय विश्राम गृह में स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा कि प्रदेश में 125 नए डॉक्टर नियुक्त किए जाएंगे, जबकि अभी एक हजार डॉक्टरों की कमी है। सरकार 200 आयुर्वेद डॉक्टरों की भर्ती करेगी। पचास फीसदी बैच वाइज ये पद भरे जा रहे हैं। परमार ने कहा कि पेरा मेडिकल स्टाफ की भी कमी है। छह महीने में इनके एक हजार पद भरे जाएंगे। उन्होंने ज्वालामुखी क्षेत्र से भी रिक्त पदों की सूची मांगी है।
ज्वालाजी मंदिर के पैसे का हुआ दुरुपयोग : धवाला
रमेश धवाला ने कहा कि ज्वालामुखी मंदिर में बेतरतीब और मनमानी से किए जा रहे निर्माण कार्य का पूरा हिसाब लिया जाएगा। जो अधिकारी और कर्मचारी इसमें संलिप्त होंगेे, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। ज्वालामुखी क्षेत्र की पानी की समस्या का समाधान भी स्थायी किया जाएगा। ज्वालामुखी में ट्रामा सेंटर बनाया जाएगा। मंदिर के शौचालय और स्नानागारों को भी निशुल्क करने पर जल्द शहरवासियों की राय लेकर विचार किया जाएगा। अस्पताल को शिफ्ट करके सचिवालय भवन में चलाने और सचिवालय को अस्पताल की जगह ले जाने का प्रयास किया जाएगा।