अमर उजाला ब्यूरो
नगरोटा बगवां (कांगड़ा)। प्रदेश के नंबर वन अखबार अमर उजाला और बंसल क्लासेज कोटा (राजस्थान) के संयुक्त तत्वावधान में ग्रीन फील्ड स्कूल नगरोटा बगवां में आयोजित जीनियस ब्रिगेड परीक्षा में जिला कांगड़ा के करीब दर्जन भर विद्यालयों के बच्चों ने प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कक्षा आठवीं से ग्यारहवीं तक के बच्चों के लिए आयोजित एक घंटे की परीक्षा में करीब 500 छात्रों ने उत्साह के साथ भाग लिया। बच्चों ने ओएमआर शीट पर सामान्य ज्ञान, गणित और तर्क शक्ति के जवाब दिए।
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परीक्षा में इन स्कूलों के छात्रों ने लिया भाग
परीक्षा में मेजबान ग्रीन फील्ड स्कूल, रेनबो स्कूल नगरोटा बगवां, दिल्ली कॉन्वेंट स्कूल सुनेहत देहरा, स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल लंज, हिम अकादमी जयसिंहपुर, कैंब्रिज स्कूल पुढ़वा, माउंट कार्मल स्कूल बैजनाथ, सोहान पब्लिक स्कूल लोअर खैरा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल बड़ोह, जीएवी स्कूल कांगड़ा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल लाहला, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल डरोह, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय छात्र देहरा और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल ड़ुगियारी के बच्चे शामिल रहे।
परीक्षा देने वाले बच्चे सम्मानित
परीक्षा के बाद प्रतिभागी बच्चों को अमर उजाला और बंसल क्लासेज की तरफ से मेडल और प्रमाण पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बंसल क्लासेज के विशेषज्ञ वक्ताओं ने बच्चों को बेहतर और सुरक्षित भविष्य निर्माण के लिए कई आवश्यक और उपयोगी टिप्स प्रदान कर उन्हें अपने जीवन में उतारने के लिए प्रेरित किया। परीक्षा के प्रतिभागी बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था। मेडल और प्रमाण पत्र प्राप्त करते समय बच्चों के चेहरे पर प्रसन्नता के भाव थे।
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विशेषज्ञों ने बच्चों को बताए सफलता के मंत्र
नगरोटा बगवां में जीनियस ब्रिगेड परीक्षा के बाद बंसल क्लासेज शिक्षण संस्थान कोटा के विशेषज्ञों ने प्रतिभागी बच्चों को बेहतर कॅरिअर निर्माण के लिए कई जरूरी टिप्स दिए। बंसल संस्थान के चंडीगढ़ स्थित सेंटर निदेशक हरजिंदर सिंह ने बच्चों को अपना विजन स्पष्ट करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जीवन में क्या करना है और क्या बनना है, इसका बच्चों को पता होना चाहिए। अपने रुझान को सीखना बहुत आसान होता है। उन्होंने बच्चों को अपनी आंतरिक शक्ति को समझकर उसका शत प्रतिशत प्रयोग करना ही सफलता की सीढ़ी चढ़ना है। उन्होंने कहा कि सफल व्यक्तियों की ओर से किए जाने वाले कार्य हमें अक्सर बहुत आसान लगते हैं, लेकिन यदि हम उनके कार्यों की गहराई में जाएं तो हम पाते हैं कि उनकी सफलता के पीछे उनकी कितनी मेहनत छुपी होती है। उन्होंने धैर्य को भी सफलता का एक मूलमंत्र बताया। बंसल कोटा के विषय विशेषज्ञ शशांक गर्ग ने कहा कि यदि हम स्कूल में आए हैं तो हमें पढ़ना तो पड़ेगा लेकिन पढ़ाई के अलावा और भी बहुत सी चीजें हैं जो सीखनी चाहिए। उन्होंने बच्चों को जूझने की शक्ति और आंतरिक ऊर्जा को स्वयं तैयार करने को प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों को अपने ऊपर, स्कूल और अपने गुरुओं पर विश्वास बनाए रखने के लिए भी प्रेरित किया।