ज्वालामुखी/कांगड़ा। शारदीय नवरात्र का समापन हो चुका है। शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी मंदिर में दशहरा पर्व पर सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा और दिनभर लगभग आठ हजार श्रद्धालुओं ने मां ज्वाला की दिव्य ज्योतियों के दर्शन किए। इस बार नवरात्र पर ज्वालामुखी मंदिर में 1.04 करोड़ रुपये का चढ़ावा चढ़ा और 1.09 लाख श्रद्धालु दर्शन करने के लिए पहुंचे। कांगड़ा के बज्रेश्वरी मंदिर में 47 हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका। वहीं, 39.17 लाख रुपये का नकद चढ़ावा चढ़ाया। इसके अलावा श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में वीरवार को नवरात्र का समापन किया गया। कुछ दिन बाद मंदिर में चढ़े चढ़ावे की गणना की जाएगी।
पिछले साल ज्वालामुखी मंदिर के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में तीन से 12 अक्तूबर तक 72,52,939 रुपये का चढ़ावा चढ़ा था। इस बार चढ़ावे में लगभग 32 लाख रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, इस बार 1,09,000 श्रद्धालु मां के दरबार पहुंचे, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 1,75,000 थी। मंदिर अधिकारी मनोहर लाल शर्मा ने बताया कि नवमी के दिन श्रद्धालुओं ने 7.71 लाख रुपये का चढ़ावा अर्पित किया। उन्होंने बताया कि पूरे नवरात्रों में मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही और पर्व शांतिपूर्ण संपन्न हुआ। कांगड़ा के बज्रेश्वरी मंदिर में पिछले वर्ष 73,800 श्रद्धालुओं ने 59.49 लाख रुपये का चढ़ावा चढ़ाया था।
इस बार 50 फीसदी रहा कारोबार
इस बार श्रद्धालुओं की अपेक्षा से कम आमद दर्ज की गई। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि पिछले वर्ष नवरात्र पर जहां भारी भीड़ उमड़ी थी और कारोबार अच्छा हुआ था, वहीं इस बार उन्हें करीब 50 फीसदी तक नुकसान उठाना पड़ा है। ज्वालामुखी के दुकानदार राहुल शर्मा, नितिन विशाल, मनोज व चामुंडा के कारोबारी प्रवेश कुमार, रीना देवी सहित अन्य ने बताया कि आपदा और अन्य कारणों से श्रद्धालुओं की संख्या में कमी रही। इसके चलते सामान की बिक्री भी घट गई। उनका कहना है कि नवरात्र जैसे बड़े पर्व पर कारोबार ठप होना उनके लिए चिंता का विषय है। हालांकि, सभी व्यापारी इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि आने वाले दिनों और त्योहारों के सीजन में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी और उनका कारोबार फिर से पटरी पर लौटेगा।