नवरात्र के लिए रंग बिरंगी लाइटों से मां ज्वाला के दरबार में दर्शन के लिए खड़े श्रद्धालु। -संवाद
ज्वालामुखी/चामुंडा/कांगड़ा। इस बार हिमाचल में हुई भारी बारिश का असर नवरात्र के तीसरे दिन भी देखने को मिला। मंदिरों में बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षाकृत कम रही। बुधवार को जिले के तीनों शक्तिपीठों में मात्र 10,300 श्रद्धालुओं ने ही दर्शन किए। मंगलवार को 10,700 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे।
बुधवार को ज्वालामुखी मंदिर में 5,500, कांगड़ा के बज्रेश्वरी मंदिर में 3,800 और श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में 1,000 श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे। ज्वालामुखी मंदिर अधिकारी मनोहर लाल शर्मा ने बताया कि दूसरे नवरात्र पर श्रद्धालुओं ने 4 लाख 24 हजार 575 नकद और 10 पाउंड का चढ़ावा अर्पित किया।
चामुंडा मंदिर अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि भारी बारिश की वजह से ओल्ड हिमाचल और पंजाब के श्रद्धालु प्रभावित हुए हैं। इस बार यूपी और बिहार से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी कम रही। बज्रेश्वरी मंदिर कांगड़ा की मंदिर अधिकारी नीलम शर्मा ने कहा कि दूसरे नवरात्र पर मंगलवार को श्रद्धालुओं ने दो लाख रुपये चढ़ावा माता रानी के चरणों में अर्पित किया।
श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में तीसरे नवरात्र पर मां चंद्रघंटा की पूजा की गई। पुजारी एवं न्यास सदस्य अविनेंद्र शर्मा ने बताया कि चंद्रघंटा का अर्थ है जिसके माथे पर चंद्रमा है। प्रशासन की बेहतर व्यवस्थाओं के चलते श्रद्धालुओं को सुविधाजनक दर्शन करवाए जा रहे हैं।