इस बार पौंग में पहुंचे 5026 ज्यादा परिंदे
पौंग बांध में प्रवासी पक्षियों की गणना पूरी, 1,15,229 विदेशी पक्षी पहुंचे
91 के मुकाबले इस बार आए 103 प्रजातियों के पक्षी
अमर उजाला ब्यूरो
नगरोटा सूरियां (कांगड़ा)। विश्व प्रसिद्ध रामसर साइट वेटलैंड महाराणा प्रताप सागर (पौंग बांध) में प्रवासी पक्षियों की गणना समाप्त हो गई। वन्य प्राणी विभाग के डीएफओ कृष्ण कुमार ने कहा कि अब तक पौंग बांध में 103 विभिन्न प्रजातियों के 1,15,229 पक्षी आ चुके हैं। जिसमें बारहैंडडगीज (29443), नॉर्दन पिंटेल (17934) , कामन पौचार्ड (17742), यूरेशियन कुटज (16313), कामनटिलस (7918), ग्रेट कार्बोनेट्स (5600), यूरेशियन विजॉन्स (1481), गडवेल्स (1408), गरेलग गेज (1249), रडीशाल डक (1164) आदि अलग अलग प्रजातियों के विदेशी पक्षियों को झील में पाया गया। गौरतलब है कि पौंग झील में हर वर्ष सर्दियां शुरू होते ही रूस, चीन, मध्य एशिया, इंडोनेशिया आदि देशों में अत्यधिक बर्फ पड़ने से वहां के पक्षी अनुकूल वातावरण और पसंदीदा भोजन की तलाश में हर वर्ष पौंग झील में आते हैं। कुछ विदेशी पक्षी मांसाहारी हैं, जिन्हें पौंग झील में अनेक तरह की मछलियां भोजन के रूप में उपलब्ध होती हैं। हर साल अनेक प्रजातियों के प्रवासी पक्षी लाखों की संख्या में पौंग झील पहुंचकर मार्च तक अपनी अठखेलियों और करतबों से पक्षी प्रेमियों और झील में आने वाले सैलानियों के आकर्षण का केंद्र होते हैं। उल्लेखनीय है कि पौंग झील में वर्ष 2017-18 में 91 प्रजातियों के 1,10,203 प्रवासी पक्षी आए थे। जिसके मुकाबले इस वर्ष 5026 विदेशी परिंदे झील में बढ़े हैं जो कि पक्षी प्रेमियों के लिए खुशी की खबर भी है।
इनसेट
इस बार नहीं आया वाटर रियल रफ
वन्य प्राणी विभाग के गणना कर रही टीम की मुख्य वर्ड लाइफ वार्डन डॉ सविता (आईएफएस) ने बताया कि पिछले वर्ष विदेशी पक्षियों में माइग्रेटरी वाटर फोवल्स विज मियाउ गुल्ल, वाटर रियल रफ, गुडबिट पक्षी इस बार झील में नहीं देखी गई।