अब बारिश के पानी से
भी तैयार होगी बिजली
डीएवी बाघनी के छात्रों ने मॉडल में बताई तकनीक
रैत स्कूल में आयोजित बाल विज्ञान सम्मेलन में प्रदर्शित किया मॉडल
अमरीक राणा
रैत (कांगड़ा)। अब बारिश के पानी को स्टोर कर बिजली तैयार की जाएगी। एमसीएम डीएवी बाघनी (नूरपुर) के नन्हें विज्ञानियों ने वर्षा के पानी से बिजली बनाने की तकनीक विकसित की है। बाघनी स्कूल के शिवम, रिशभ, अपूर्वा, आदित्य पाल, हर्षित ने 26वें जिला स्तरीय बाल विज्ञान सम्मेलन में मॉडल पेश किया है। जिसमें बारिश के पानी का बिजली बनाने और पीने में प्रयोग लाने की तकनीक के बारे में बताया गया है। उन्होंने मॉडल में बारिश के पानी का बिजली और पीने के प्रयोग में कैसे लाया जा सकता है इसके लिए टर्बाइन और फिल्ट्रेशन के इस्तेमाल के बारे में विस्तार बताया है। इस मॉडल को बनने में स्कूल के शिक्षक सुनील दत्त, जगदीप ने छात्रों की मदद की है। जिला स्तरीय बाल विज्ञान सम्मेलन को शनिवार को समापन होगा। समापन समारोह में शहरी विकास मंत्री सरवीण चौधरी बतौर मुख्यातिथि शिरकत करेगी। सम्मेलन में टॉप तीन मॉडलों को सम्मानित किया जाएगा।
इनसेट
पानी के प्रेशर से साफ होगी सड़क
धर्मशाला ब्लॉक के द न्यू ईरा स्कूल ऑफ साइंस के छात्रों ने क्लीन, ग्रीन एंड हेल्दी नेशन पर एक मॉडल पेश किया है। जिसमें सड़क को साफ करने के लिए वाटर प्रेशर तकनीक का प्रयोग करने के बारे में बताया है। मॉडल में वाटर प्रेशर से सड़क के कचरे को एक स्थान पर इकट्ठा किया जाएगा और फिर उसे रिसाइकिल करने के लिए भेजा जा सकता है। उसके बाद पानी को खेतों में सिंचाई के लिए किया जाएगा। इस मॉडल में अमन चंबियाल, आदित्य कश्यप, विनय चौधरी ने योगदान दिया है।