धर्मशाला। नशा तस्करी का आरोप सिद्ध होने पर दोषी महिला को न्यायालय ने 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी महिला को एक लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है और जुर्माना अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। पारिवारिक न्यायालय धर्मशाला की न्यायाधीश ज्योत्सना डढवाल की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। 30 मई 2017 को छन्नी क्षेत्र में पुलिस गश्त पर थी। इस दौरान पुलिस को सूचना मिली थी कि दलवीरो (50) निवासी गांव और डाकघर छन्नी, तहसील इंदौरा चिट्टा तस्करी का कारोबार करती है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने सुबह करीब 11:15 बजे दलवीरो के घर पर छापा मारा। पुलिस टीम को देखते ही आरोपी महिला ने एक वस्तु निकालकर घर के बरामदे में रखे गमलों की ओर फेंक दी। पुलिस को शक होने पर जब उसकी जांच की गई तो उसमें से हल्के भूरे रंग का पदार्थ बरामद हुआ। जांच में यह चिट्टा पाया गया, जिसका वजन 6.50 ग्राम था। इसके अलावा मौके से 3,500 रुपये और बिना बैटरी की एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू भी बरामद की गई।
जांच में सामने आया कि दलवीरो नशे की पुड़िया बनाने और बेचने के लिए प्लास्टिक पाउच और इलेक्ट्रॉनिक तराजू का इस्तेमाल करती थी। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि दोषी व्यावसायिक स्तर पर चिट्टा की तस्करी में संलिप्त थी और समाज के लिए खतरा बन रही थी। न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा कि समाजहित को ध्यान में रखते हुए दोषी के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जा सकती। इसके चलते दलवीरो को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत दोषी ठहराते हुए 10 साल की कठोर कैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।