जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा मार्च 2024 में भवन का उद्घाटन किए जाने के बावजूद वहां आज तक शैक्षणिक गतिविधियां शुरू नहीं हो सकीं, जो सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
नेता विपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बैजनाथ स्थित आईटीआई भवन पर भुगतान न मिलने के कारण ठेकेदार द्वारा ताला लगाने की घटना को प्रदेश सरकार की विफलता करार दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा मार्च 2024 में भवन का उद्घाटन किए जाने के बावजूद वहां आज तक शैक्षणिक गतिविधियां शुरू नहीं हो सकीं, जो सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जयराम ठाकुर ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि यदि भवन तैयार था और उसका लोकार्पण भी हो चुका था तो उसे संबंधित विभाग को क्यों नहीं सौंपा गया और ढाई वर्षों तक उसका उपयोग क्यों नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल उद्घाटन और घोषणाओं तक सीमित है, जबकि जमीनी स्तर पर विकास कार्य ठप पड़े हैं।
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उन्होंने कहा कि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी भुगतान न मिलने के कारण रेस्ट हाउसों और अन्य सरकारी भवनों में ठेकेदारों द्वारा तालाबंदी और सामान उठाने जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इससे स्पष्ट है कि सरकार समय पर भुगतान करने में विफल रही है। जयराम ने आरोप लगाया कि प्रदेश में विकास परियोजनाओं का बजट रोका या अन्य मदों में स्थानांतरित किया जा रहा है, जिसके कारण कई जनहित परियोजनाएं अधर में लटकी हुई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का खामियाजा प्रदेश के युवाओं और आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। प्रदेश की ट्रेजरी व्यवस्था पारदर्शी नहीं रही है और भुगतान को लेकर मनमानी की जा रही है। उन्होंने सरकार से ठेकेदारों के लंबित भुगतान शीघ्र जारी करने और विकास कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर करने की मांग की।