व्यवस्था परिवर्तन वाली सुख की सरकार और कांग्रेस नेताओं द्वारा जश्न के बगैर नहीं रहा जाता। हिमाचल प्रदेश में वर्तमान में 10,000 से अधिक की राशि का भुगतान ट्रेजरी द्वारा रोक दिया गया है। सैलरी,पेंशन समय पर नहीं मिल रही, मेडिकल रीइंबर्समेंट खासकर बजुर्गों के लिए नहीं हो पा रही है, युवाओं को रोजगार नहीं मिला और आउटसोर्स पर जो भर्तियां हुई थी उनको हटाया जा रहा है। 15,000 से ज्यादा लोगों को नौकरी से निकाला जा चुका है। सड़कों पर हर जगह गड्ढे ही गड्ढे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सारी सुविधाओं का बुरा हाल है। उसके बाद भी सरकार जश्न की तैयारी में मशगूल है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस की सरकार को 3 साल पूरे हो रहे हैं। सरकार का बड़ा हिस्सा उन्होंने निकाल दिया है। लेकिन इन 3 वर्षों में उनके पास गिनाने के लिए एक भी उपलब्धि नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को अपनी सरकार की एक योजना का जिक्र करना चाहिए, जिसकी चर्चा जनता के बीच हो। जिस योजना के दस-पांच हजार लाभार्थी भी हों। हमारी सरकार के दौरान हिम केयर, सहारा, स्वावलंबन, गृहिणी सुविधा, शगुन, जन मंच जैसी योजनाएं चल रही थी उनको कांग्रेस सरकार द्वारा बंद कर दिया है। उन योजनाओं का नाम प्रदेश वासियों की जुबान पर था। हमारी योजनाओं का लाभ प्रदेश के लोगों को लाखों की संख्या में मिला, लेकिन यह सरकारी योजनाओं को भी नहीं चला पा रही है। उन्हें घोषित या अघोषित रूप से बंद करने पर आमादा है। आज हिम केयर के पैसे नहीं मिल रहे, गृहिणी सुविधा में गैस भी नहीं मिल रही, यह स्थिति दयनीय है। बेटियों के शगुन योजना भी बंद है और असहाय लोगों के लिए चलाई गई सहारा योजना भी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को बताना चाहिए कि यह जश्न है किस बात का मान रहे हैं, अगर कांग्रेस के नेताओं में कुछ लज्जा है तो इस जश्न के फैसले को वापस लेना चाहिए।