उन्होंने बताया कि चयन समिति एक साल तक सक्रिय रहेगी और कम से कम चार चरणों में इंटरव्यू आयोजित कर सभी पदों को भरेगी। नड्डा ने स्पष्ट किया कि एम्स प्रबंधन पर यह जिम्मेदारी है कि सभी पद भरे जाएं। भविष्य की तैयारियों पर उन्होंने कहा कि नीति आयोग और भारतीय लोक प्रशासन संस्थान की टीम जल्द ही एम्स बिलासपुर का निरीक्षण करेगी। यह टीम सभी एम्स संस्थानों का दौरा कर विभागों की वृद्धि और भविष्य की स्थिरता का रोडमैप तैयार करेगी। उन्होंने सभी विभागों से पूरी तैयारी रखने और देश के अग्रणी एम्स संस्थानों में अपनी पहचान बनाए रखने का आग्रह किया। नड्डा ने कहा कि एम्स ब्रांड है और इसकी प्रतिष्ठा बनाए रखना हमारा दायित्व है। कहा कि दिल्ली एम्स हमारा आदर्श होना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान एम्स का कुलगीत भी जारी किया गया। इसके अलावा विशेष पुरस्कार वितरण समारोह में उत्कृष्ट अकादमिक और सह-पाठ्यक्रम प्रदर्शन करने वाले छात्रों को नड्डा ने सम्मानित किया। इस दौरान तीन साल में एम्स की उपलब्धियों पर भी बात की गई। अब तक 8 गुर्दा प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं और क्षेत्रीय स्तर की विषाणु अनुसंधान प्रयोगशाला भी शुरू हो चुकी है। एम्स बिलासपुर में 750 बिस्तरों की क्षमता वाला इनडोर पेशेंट विभाग और 40 विभागों वाला आउटडोर पेशेंट विभाग कार्यरत हैं।