शुक्रवार को अटल सदन कुल्लू में दशहरा उत्सव समिति की बैठक अध्यक्ष एवं विधायक कुल्लू सुंदर सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। कहा कि पिछले दो वर्षों में अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव को बेहतर करने का प्रयास किया गया है। उत्सव को इंडियन काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशंस के कैलेंडर में भी शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि इस बार प्रदेश को प्राकृतिक आपदा ने झकझोर कर रख दिया है और जिला कुल्लू में भी बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है। ऐसे में जनता के फीडबैक और सुझावों को देखते हुए इस बार विदेशी सांस्कृतिक दलों को आमंत्रित नहीं किया गया है। सभी सांस्कृतिक संध्याओं में प्रदेश के लोक कलाकारों, सांस्कृतिक दलों और स्थानीय कलाकारों को मौका दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी आयोजनों में खर्चों में की गई इस बचत को आपदा प्रभावितों के पुनर्वास और राहत कार्यों के दिया जाएगा।
उत्सव में कल्चरल परेड का आयोजन नहीं किया जा रहा है। पूर्व की भांति कुल्लू कार्निवल आयोजित किया जा रहा है, जिसमें कुल्लू की संस्कृति की झलक के साथ-साथ सुरक्षित निर्माण और आपदा प्रबंधन पर प्रस्तुति दी जाएगी। प्रदेश के लोक कलाकार भी आपदा की स्थिति को देखते हुए बेहद कम मेहनताना या कुछ बिना किसी शुल्क के उत्सव में शामिल होने के लिए आगे आ रहे हैं। ठाकुर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव आपदा प्रभावितों के नाम समर्पित रहेगा। खर्चों में की गई कटौती से बचने वाली राशि सीधे तौर पर आपदा प्रभावितों के पुनर्वास और सहायता कार्यों में लगाई जाएगी।
बैठक में विधायक मनाली भुवनेश्वर गौड़, विधायक बंजार सुरेंद्र शौरी, विधायक आनी लोकेंद्र कुमार, मिल्कफेड के अध्यक्ष बुद्धि सिंह, महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी, एपीएमसी अध्यक्ष राम सिंह मियां, पूर्व सांसद महेश्वर सिंह, ज़िला परिषद अध्यक्ष पंकज परमार, नगर परिषद के अध्यक्ष गोपाल महंत व एडीसी अश्वनी कुमार मौजूद रहे।