अगर सब कुछ ठीक रहा तो हिमाचल को जल्द ही सोलन के कंडाघाट में चौथे एयरपोर्ट की सौगात मिलेगी। पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग और सरकार ने इसके लिए कवायद तेज कर दी है। एयरपोर्ट अथॉरिटी आफ इंडिया ने मौसम संबंधी रिपोर्ट ओके कर दी है। अब फिजिबिलटी रिपोर्ट मांगी है।
योजना के मुताबिक पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड के तहत इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण होगा। इसके निर्माण में 2000 से 3000 करोड़ की राशि खर्च आएगी। इससे औद्योगिक नगरी में इंटरनेशनल एयरपोर्ट का सपना पूरा हो सकेगा।
एयरपोर्ट के लिए कंडाघाट में जमीन का लगभग चयन हो गया है। पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग की ओर से मौसम संबंधित रिपोर्ट सौंपी जा चुकी है, जो संतोषजनक पाई गई है। फिजिबिलटी रिपोर्ट के लिए उपायुक्त सोलन को निर्देश जारी हुए हैं।
पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के निदेशक डा. सुभाशीष पांडा ने बताया कि स्थान का चयन लगभग पूरा हो चुका है। उपायुक्त सोलन ने रिपोर्ट सबमिट कर दी है। फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। वैदर रिपोर्ट एयरपोर्ट अथॉरिटी को सौंपी जा चुकी है।
325 एकड़ जमीन की आवश्यकता
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए 325 एकड़ जमीन चाहिए। जमीन की तलाश रंग ला रही है। जिला सोलन के कंडाघाट में एक स्थल निगाह में हैं। सब कुछ ठीक रहा तो जगह का चयन जल्द फाइनल हो जाएगा।
अब तक तीन एयरपोर्ट
प्रदेश में मौजूदा समय में कुल्लू के भुंतर, कांगड़ा के गगल और शिमला के जुब्बड़हट्टी में एयरपोर्ट हैं। अब औद्योगिक नगरी सोलन में एयरपोर्ट बनने से बड़े उद्यमियों और सैलानियों को फायदा होगा। यहां का मौसम भी विमानन कंपनियों का खूब साथ देगा।