संवाददाता ने सुबह नौ से दोपहर तीन बजे तक स्टेडियम परिसर का दौरा किया। इस दौरान देखा गया कि साढ़े 10 बजे टिकट बिक्री शुरू होते ही युवा एक-दूसरे को फोन कर जल्द पहुंचने की जानकारी दे रहे थे। करीब 11 बजे तक टिकट काउंटर के बाहर लंबी कतारें लग चुकी थीं। दोपहर दो बजे तक अधिकांश दर्शक टिकटें लेकर लौट चुके थे। पूरे समय युवाओं में मैच को लेकर खासा उत्साह नजर आया।
भीड़ नियंत्रण और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस जवान तैनात थे। साढ़े 11 बजे के करीब टिकट काउंटर पर लगी अधिकतर कतारों में युवा पुरुष नजर आए। लड़कियों के लिए कोई अलग लाइन नहीं होने पर एक युवती ने पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद उन्हें अलग कतार में खड़ा करने की व्यवस्था की गई। टिकट काउंटर क्षेत्र में केवल एक ही शौचालय था, जिसकी हालत बेहद खराब थी और दरवाजे की कुंडी तक टूटी हुई थी। इससे महिलाओं और युवतियों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। पीने के पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं थी। वहीं, आसपास के कारोबारियों ने टिकट काउंटर के बाहर खिलाड़ियों की जर्सी और टी-शर्ट बेचने शुरू कर दिए हैं।
रोहतक से मनाली घूमने जा रहे थे और बच्चों ने मैच देखने के लिए टिकट लेने के लिए कहा। धर्मशाला में मैच की टिकट लेने के लिए रुक गए। इसके बाद मनाली जाएंगे और शनिवार शाम को धर्मशाला वापस मैच देखने के लिए आ जाएंगे और सोमवार सुबह वापस घर चले जाएंगे। -संदीप कुमार, निवासी रोहतक, हरियाणा
एचपीसीए की ओर से इस बार टिकट का हार्ड कॉपी नहीं दी जा रही है। काउंटर से एक लिंक दिया जा रहा है और कहा गया है कि मैच के दौरान इसे स्कैन करवाना होगा, तभी अंदर प्रवेश मिलेगा। इससे टिकट ब्लैक होने की संभावना कम हो जाएगी, जो एक अच्छा निर्णय है। - सचिन कुमार, निवासी धर्मशाला