फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

IGMC Shimla: हिमाचल में पहली बार रोबोटिक तकनीक से निकाली बच्चेदानी, तीन दिन में ही मिल गई छुट्टी

Wed, 20 May 2026 10:52 AM IST
Krishan Singh आदित्य सोफत, शिमला।

सार

पांच महिलाओं के रोबोटिक तकनीक से ऑपरेशन किए गए हैं। चिकित्सकों के अनुसार बच्चेदानी में रसौली का आकार बड़ा और अधिक होने के कारण इसे निकाला गया है। 
विज्ञापन
आईजीएमसी शिमला। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में रोबोटिक तकनीक से पहली बार बच्चेदानी और ट्यूब निकालने का दावा किया गया है। पांच महिलाओं के रोबोटिक तकनीक से ऑपरेशन किए गए हैं। चिकित्सकों के अनुसार बच्चेदानी में रसौली का आकार बड़ा और अधिक होने के कारण इसे निकाला गया है। यह रसौलियां दवाइयों से खत्म नहीं हो पा रही थीं। ऐसे में इनका ऑपरेशन किया गया। ये ऑपरेशन कमला नेहरू अस्पताल से गायनी विभाग को आईजीएमसी में शिफ्ट करने के बाद किए गए हैं। खास बात यह है कि विभाग की ओर से किए गए रोबोटिक ऑपरेशन में काफी कम समय लगा है। साथ ही चीर-फाड़ भी कम हुई है। इससे पहले दूरबीन और बच्चेदानी निकालने के ऑपरेशन में काफी समय लग जाता था।

विज्ञापन

रोबोटिक सर्जरी से जटिलताएं कम

साथ ही चीर-फाड़ भी अधिक होती थी, लेकिन आधुनिक रोबोटिक सर्जरी से जटिलताएं कम हो गई हैं। वहीं, ब्लड लॉस भी न के बराबर है।  1 अप्रैल को कमला नेहरू अस्पताल से गायनी ओपीडी को आईजीएमसी में शिफ्ट किया गया। इससे महिला मरीजों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। 16 अप्रैल से पूरे गायनी विभाग को आईजीएमसी में स्थानांतरित कर दिया गया।  इसके बाद से ओपीडी के साथ वार्ड और ऑपरेशन की सुविधाएं भी आईजीएमसी में शुरू हुईं। इससे पहले केएनएच में सुविधाएं दी जाती थीं। इसी बीच मुख्यमंत्री ने गायनी विभाग शिफ्ट करने के पीछे रोबोटिक सर्जरी की सुविधा महिलाओं को प्रदान करना तर्क दिया। दिया। ऐसे में विभाग अब रोबोटिक सर्जरी की सुविधाएं मिलना शुरू हो गई हैं।

टीम में ये रहे शामिल: गायनी रोबोटिक

सर्जरी में सर्जन डॉ. मीनाक्षी, डॉ. आर ज्योति महाजन, डॉ. गीतिका, डॉ. निधि जिंदल, एनेस्थीसिया टीम से डॉ. सबीना, डॉ. अतिश, स्टाफ नर्स कविता, संतोष और ओटीए नीति और पुष्पा मौजूद रहे। पूरी टीम को अस्पताल प्रबंधन ने बधाई दी। रोबोटिक सर्जरी होने के बाद महिलाओं को तीन दिन में छुट्टी दे दी गई है। है। उन्हें आगामी फॉलोअप के लिए बुलाया गया है। अभी तक प्रदेश में स्त्री रोग विभाग की ओर से इस प्रकार से रोबोटिक सर्जरी नहीं की गई थी, लेकिन अब इसकी सुविधा आईजीएमसी में मिलनी शुरू हो गई है।
विज्ञापन

गायनी विभाग की ओर से पांच रोबोटिक सर्जरी की गई है। सभी सर्जरी सफल हुई हैं। आगामी दिनों में भी रोबोटिक सर्जरी जारी रहेगी। अभी तक अस्पताल में विभिन्न विभागों की ओर से 39 रोबोटिक सर्जरी की गई हैं।-डॉ. राहुल राव, चिकित्सा अधीक्षक, आईजीएमसी, शिमला

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें