लंबे समय से चल रहा था पेपर लीक का खेल
खास बात यह है कि वर्ष 2021 में इस भर्ती का नतीजा घोषित हुआ था जबकि 2020 में ही भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। ऐसे में पेपर लीक का यह खेल लंबे समय से चल रहा था इसकी व्यापक संभावना है। जांच एजेंसी इससे पहले भी कई ऐसी भर्ती परीक्षाओं में आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब मामले में भी ऐसी ही संभावना जताई जा रही है। मामले में जेओए (आईटी) पोस्ट कोड 965 पेपर लीक की पहली एफआईआर में कोर्ट में चालान पेश किया जा चुका है।