मैदान में अधिक नमी के कारण घास के कई हिस्से प्रभावित हुए हैं। इसके बाद एचपीसीए की ओर से आउटफील्ड को दोबारा तैयार करने का काम शुरू किया गया। मैदान को खेलने योग्य स्थिति में लाने के लिए घास और प्रभावित हिस्सों की मरम्मत के साथ अन्य जरूरी काम किए जा रहे हैं। ऐसे में मुंबई के खिलाफ मुकाबले की मेजबानी धर्मशाला को देने के बजाय इसे लुहणू स्थानांतरित करने का फैसला लिया गया है। धर्मशाला की आउटफील्ड पहले भी एचपीसीए के लिए चिंता का विषय बन चुकी है। खराब आउटफील्ड के चलते भारत-ए और ऑस्ट्रेलिया-ए महिला टीमों के बीच प्रस्तावित बहुदिवसीय मुकाबले को भी धर्मशाला से मोहाली स्थानांतरित करना पड़ा था। इसके बाद मैदान की स्थिति सुधारने और आउटफील्ड को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
हिमाचल की रणजी टीम इस सत्र में अपने अभियान की शुरुआत 11 अक्तूबर को रोहतक में हरियाणा के खिलाफ करेगी। इसके बाद 18 अक्तूबर को मुंबई से मुकाबला होना है, जो अब लुहणू में खेला जाएगा। इसके बाद टीम चंडीगढ़ के खिलाफ मुकाबला खेलेगी। वहीं, दो नवंबर से राजस्थान के खिलाफ होने वाले मैच की मेजबानी धर्मशाला को मिली है। ऐसे में एचपीसीए के पास आउटफील्ड को पूरी तरह तैयार करने के लिए अतिरिक्त समय रहेगा। आउटफील्ड समय पर तैयार होने की स्थिति में राजस्थान के खिलाफ मुकाबले से धर्मशाला में रणजी क्रिकेट की वापसी होगी। एचपीसीए के सचिव मनुज शर्मा ने कहा कि 18 अक्तूबर को धर्मशाला में होने वाले हिमाचल और मुंबई के बीच रणजी मैच को अब लुहणू मैदान में शिफ्ट कर दिया गया है। ताकि मैदान की आउटफील्ड को दो नवंबर को होने वाले मैच तक तैयार किया जा सके।