इसके लिए बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने सभी परीक्षा केंद्र संचालकों से 5 सितंबर तक सीसीटीवी कैमरों और अन्य व्यवस्थाओं का पूरा ब्योरा ऑनलाइन गूगल फॉर्म के माध्यम से मांगा है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा कक्ष में लगाए जाने वाले सीसीटीवी कैमरों का एंगल ऐसा होना चाहिए, जिससे पूरा परीक्षा हॉल और परीक्षार्थियों की गतिविधियां स्पष्ट रूप से दिखाई दे। कैमरे की नजर से कोई हिस्सा छूटना नहीं चाहिए। साथ ही परीक्षार्थियों की बैठक व्यवस्था बोर्ड के निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने और उनके बीच पर्याप्त दूरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्टेट ओपन स्कूल (एसओएस) समेत सभी परीक्षा केंद्रों के पर्यवेक्षकों और निरीक्षकों को परीक्षा ड्यूटी में पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सीसीटीवी व्यवस्था, बैठक व्यवस्था या निगरानी में किसी भी तरह की लापरवाही सामने आने पर संबंधित केंद्र के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि गूगल फॉर्म भरने या सीसीटीवी व्यवस्था से संबंधित जानकारी देने में तकनीकी परेशानी होने पर परीक्षा केंद्र बोर्ड से संपर्क कर सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि मार्च, 2026 में आयोजित हुई परीक्षाओं के दौरान कांगड़ा जिला के एक स्कूल में एक अध्यापक की ओर से परीक्षा में बोल कर छात्रों को बहुविकल्पीय प्रश्नों के के उत्तरों से अवगत करवाया जा रहा था। इस पर संज्ञान लेते हुए शिक्षा बोर्ड ने वीडियो के साथ ऑडियो को भी रिकार्ड करने की व्यवस्था शुरू करने की बात कही थी। इस पर अब अमलीजामा पहनाते हुए शिक्षा बोर्ड सितंबर में होने वाली परीक्षाओं के दौरान ट्रायल के आधार पर ऑडियो और वीडियो से लाइव निगरानी करेगा, ताकि नकल को रोका जा सके।