आईटीआई में दो वर्षीय तकनीकी कोर्स करने वाले अभ्यर्थियों को 12वीं (आर्ट्स) के समकक्ष योग्यता प्राप्त करने का अवसर मिलता है, लेकिन अधिकांश प्रशिक्षु इस व्यवस्था से अब भी अनभिज्ञ हैं।
दसवीं के बाद औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में दो वर्षीय तकनीकी कोर्स करने वाले अभ्यर्थियों को 12वीं (आर्ट्स) के समकक्ष योग्यता प्राप्त करने का अवसर मिलता है, लेकिन अधिकांश प्रशिक्षु इस व्यवस्था से अब भी अनभिज्ञ हैं। जानकारी के अभाव में कई अभ्यर्थी आईटीआई पूरा करने के बाद भी अलग से 12वीं करने को मजबूर हो जाते हैं, जबकि निर्धारित शर्तें पूरी करने पर उन्हें सीनियर सेकेंडरी समकक्ष प्रमाणपत्र मिल सकता है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की अधिसूचना के अनुसार 10वीं के बाद दो वर्षीय आईटीआई कोर्स करने वाले अभ्यर्थियों को 12वीं (आर्ट्स) के समकक्ष प्रमाणपत्र का लाभ दिया जाता है।
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इसके लिए तकनीकी प्रशिक्षण के साथ निर्धारित विषयों, जैसे अंग्रेजी और गणित अथवा बोर्ड द्वारा तय अन्य आवश्यक विषयों की शर्तें पूरी करनी होती हैं। इसके बाद अभ्यर्थी को 12वीं समकक्ष योग्यता प्रदान की जाती है। यह प्रमाणपत्र उच्च शिक्षा में प्रवेश और उन सरकारी नौकरियों के लिए भी मान्य होता है, जहां न्यूनतम योग्यता 12वीं निर्धारित है। इसके बावजूद प्रदेश के कई आईटीआई प्रशिक्षुओं को इस सुविधा की जानकारी नहीं है। परिणामस्वरूप वे इस महत्वपूर्ण अवसर का लाभ नहीं उठा पाते। वहीं इस संदर्भ में स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा का कहना है कि यह व्यवस्था पिछले करीब 10 वर्षों से है। आईटीआई करने वालों को 12वीं आर्ट्स संकाय के समक्ष मान्यता मिलती है।