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Himachal Vidhansabha Monsoon Session: थुनाग में हॉर्टिकल्चर कॉलेज भवन निर्माण को लेकर जयराम-जगत में नोकझोंक

Sat, 31 Aug 2024 01:00 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

शुक्रवार को सदन में हॉर्टिकल्चर कॉलेज के भवन निर्माण को लेकर नेता विपक्ष जयराम ठाकुर और बागवनी मंत्री जगत सिंह नेगी के बीच नोकझोंक हुई। 
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नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर सदन में संबोधित करते हुए। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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जिला मंडी के थुनाग में हॉर्टिकल्चर कॉलेज के भवन निर्माण को लेकर नेता विपक्ष जयराम ठाकुर और बागवनी मंत्री जगत सिंह नेगी शुक्रवार को सदन में उलझ गए। नेता विपक्ष ने बजट का प्रावधान होने के बावजूद कॉलेज के भवन निर्माण को नहीं करने का आरोप लगाया। जवाब में मंत्री ने कहा कि सिराज में बने 28-28 कमरों के रेस्ट हाउस और हेलीपोर्ट में कॉलेज चलाने को लेकर विचार किया जाएगा।

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पूर्व सरकार के कंसलटेंट ने चयनित स्थान पर भवन बनना संभव नहीं होने की रिपोर्ट दी है। निर्माण के लिए 300 करोड़ रुपये के बजट की भी जरूरत है। जयराम सरकार ने 10 करोड़ की राशि का ही प्रावधान किया था। इसको लेकर विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। बीच-बचाव करने उठे मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्री नेगी ही इस बारे में फैसला लेंंगे। मुख्यमंत्री और मंत्री के जवाब से नाराज विपक्ष नारेबाजी कर सदन से बाहर चला गया। हालांकि भाजपा विधायक अनिल शर्मा अंदर ही रहे। इस पर संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि यह विपक्ष का वॉकआउट नहीं है। एक विधायक अंदर ही बैठे हैं। प्रश्नकाल के दौरान नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि पूर्व सरकार के समय थुनाग में हाॅर्टिकल्चर कॉलेज खोला गया था। 16.36 हेक्टेयर भूमि की वन स्वीकृति भी मिली हुई है। हाॅर्टिकल्चर के दो और फारेस्ट्री का एक बैच यहां से पासआउट भी हो चुका है। कक्षाओं को इधर-उधर लगाकर काम चलाया जा रहा है। पता चला है कि टेंडर को आवंटित करने से विभाग ने इंकार कर दिया है। कॉलेज को बंद या शिफ्ट करने की तैयारी में सरकार जुटी हुई है। सरकार इस मामले की गंभीरता को नहीं समझ रही।

कंसलटेंट पर रिपोर्ट को रिजेक्ट करने का दबाव बनाया जा रहा है। अटल मेडिकल विश्वविद्यालय मंडी, सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी और केंद्रीय विश्वविद्यालय के साथ भी इसी तरह का बर्ताव किया जा रहा है। कृषि विवि पालमपुर की भूमि को भी बेचने की तैयारी है। जवाब में बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि पूर्व सरकार की ओर से नियुक्त किए गए कंसलटेंट ने भूमि को उपयुक्त नहीं माना है। नेता विपक्ष के पास पांच साल का समय था, तब निर्माण क्यों नहीं किया गया। तब तो सिराज में 16 हेलीपोर्ट बना दिए, 28-28 कमरों के करीब दस रेस्ट हाउस बना दिए। कई और बड़े भवन भी बनाए गए। सरकार विचार करेगी कि कॉलेज को इनमें कहीं शिफ्ट किया जाए। मंत्री ने कहा कि नेता विपक्ष अगर कल 300 करोड़ रुपये के बजट का इंतजाम करवा देते हैं तो मैं तुरंत काम शुरू करवा दूंगा। इस पर विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। विरोध स्वरूप विधायक से बाहर चले गए।

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300 करोड़ लेने के लिए साथ चलें नेता विपक्ष : सुक्खू
मुख्यमंत्री ने कहा कि नेता विपक्ष सनसनी फैला रहे हैं। अटल विश्वविद्यालय और नेरचौक मेडिकल कॉलेज बनाने से पहले भूमि इंतकाल में अपने नाम करनी चाहिए थी। हम कोर्ट में इस केस को हार गए हैं। कोर्ट ने 1000 करोड़ रुपये देने के लिए कहा है। 9200 करोड़ रुपये केंद्र से नहीं मिल रहे है। उन्होंने कहा कि नेता विपक्ष को 300 करोड़ रुपये का बजट लेने के लिए हमारे साथ केंद्र के पास चलना चाहिए।
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