पत्र के अनुसार, हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मचारियों की भर्ती एवं सेवा की शर्तें अधिनियम 2024 लागू होने के बाद सरकार ने 5 जुलाई 2025 को विभिन्न श्रेणियों के आरएंडपी नियमों में संशोधन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे। इसके अलावा 14 मई 2025 और 19 जुलाई 2025 को सरकार ने दो अलग-अलग योजनाओं के तहत ट्रेनी और जॉब ट्रेनी के रूप में नियुक्तियों से संबंधित प्रावधान भी अधिसूचित किए थे। कार्मिक विभाग ने पाया कि कुछ प्रशासनिक विभाग अपने आरएंडपी नियमों में अनुबंध शब्द के स्थान पर ट्रेनी और जॉब ट्रेनी शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं। यह प्रक्रिया विभागीय दिशा-निर्देशों के विपरीत है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे शब्दों को नियमों में जोड़ना अनुचित है। ट्रेनी और जॉब ट्रेनी केवल विशेष योजनाओं के तहत नियोजित व्यक्तियों के लिए ही प्रयुक्त किए जा सकते हैं, न कि नियमित भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा हैं। ऐसे में भविष्य में जब भी विभाग आरएंडपी नियमों में संशोधन या नए नियम बनाएंगे, तो उन्हें 5 जुलाई 2025 को जारी कार्मिक विभाग के निर्देशों के अनुरूप ही प्रक्रिया पूरी करनी होगी। कार्मिक विभाग के उप सचिव ने बताया कि सरकार का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में एकरूपता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। नए सेवा अधिनियम के बाद राज्य सरकार ने अनुबंध आधारित नियुक्तियों की जगह प्रशिक्षण आधारित प्रणाली लागू की है ताकि नव-नियुक्त कर्मियों को सेवा की शुरुआत में ही व्यावहारिक अनुभव और प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके।