हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग शिमला-ठियोग-हाटकोटी पर झूठे शपथ पत्र दाखिल करने पर अधीक्षण अभियंता पर 10 हजार रुपये का टोकन जुर्माना लगाया है। अदालत ने यह राशि उन्हें व्यक्तिगत रूप से मुख्य न्यायाधीश आपदा राहत कोष में जमा करने को कहा है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश जियालाल भारद्वाज की खंडपीठ ने झूठा हलफनामा दायर करने को लेकर अधिकारियों पर कड़ी फटकार लगाते हुए टिप्पणी की कि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। अदालत ने कहा कि वास्तविक स्थिति के बारे में कोर्ट के सामने सही तस्वीर पेश नहीं की गई है। मौजूद अधिकारियों ने इसके लिए कोर्ट से क्षमा मांगी और कहा कि उनका इरादा अदालत को गुमराह करने का नहीं था।