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HP High Court: वन भूमि अतिक्रमण मामले में दोषी अधिकारियों पर होगी कार्रवाई, हाईकोर्ट ने दिए निर्देश; जानें

Fri, 22 Aug 2025 04:00 AM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला

सार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अतिरिक्त महाधिवक्ता को निर्देश दिए हैं कि वह उन सभी अधिकारियों की जानकारी भी दें, जो वन भूमि पर अतिक्रमण के समय तैनात थे। जानें पूरा मामला...
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने वन भूमि पर अतिक्रमण के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। खंडपीठ ने राज्य सरकार को इस मामले में दो सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल करने को कहा है। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने अतिरिक्त महाधिवक्ता को निर्देश दिए हैं कि वह उन सभी अधिकारियों की जानकारी भी दें, जो अतिक्रमण के समय तैनात थे। जिन्होंने इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी और न ही कोई कार्रवाई की।

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सरकार की ओर से वन अधिकारी ठियोग और उपायुक्त शिमला से प्राप्त निर्देशों को अदालत में प्रस्तुत किया गया। मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर को होगी। अदालत के इस रुख के बाद यह साफ हो गया है कि अब न केवल अतिक्रमणकारियों पर बल्कि अपने कर्तव्य में लापरवाही बरतने वाले सरकारी अधिकारियों पर भी गाज गिरेगी। अदालत ने यह कार्रवाई शिमला जिले के कोटखाई तहसील के रतनाड़ी क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के मामले पर ली।
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अदालत ने यह संज्ञान आरएल चौहान की ओर से मुख्य न्यायाधीश को भेजे गए एक पत्राचार के आधार पर लिया है। चौहान ने पत्र में इस क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत की थी। उन्होंने अपने पत्र के साथ दस्तावेज और तस्वीरें भी संलग्न की हैं। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने इस पर संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दर्ज की। न्यायालय ने इस मामले में हिमाचल प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव, सचिव राजस्व, सचिव वन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, प्रभागीय वन अधिकारी कोटखाई और पटवारी बागी रतनाड़ी को प्रतिवादी बनाया है।
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