राजधानी शिमला के समीप स्थित ऐतिहासिक वाइल्ड फ्लावर होटल के प्रबंधन से सरकार बातचीत करने के लिए तैयार हो गई है। महाधिवक्ता अनूप रतन ने शुक्रवार को हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा कि अगर ईस्ट इंडिया होटल लिमिटेड (ओबेरॉय समूह) की ओर से कोई प्रस्ताव दिया जाता है तो सरकार के दरवाजे बातचीत के लिए खुले हैं।
महाधिवक्ता ने अदालत में कहा, अगर कोई भी कंपनी प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए काम करना चाहती है तो सरकार उसका स्वागत करती है। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ज्योत्सना रिवॉल दुआ ने कहा कि सरकार और वाइल्ड फ्लावर होटल प्रबंधन के बीच जो भी तय होगा, उसकी रिपोर्ट 18 नवंबर को अदालत में पेश की जाए। प्रदेश सरकार ने वाइल्ड फ्लावर हॉल को अपने अधीन लेने को लेकर हाईकोर्ट में कार्यान्वयन (एग्जीक्यूशन) याचिका दायर की है। हाईकोर्ट ने पहले ही ओबरॉय समूह को मध्यस्थता के आदेशों की पालना करने के आदेश दिए थे।
होटल के स्वामित्व की दो दशक से चल रही कानूनी लड़ाई, सरकार के पक्ष में आ चुका है फैसला
हाईकोर्ट ने तीन महीने के भीतर वाइल्ड फ्लावर हॉल सरकार को सौंपने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ ओबराय ग्रुप सुप्रीम कोर्ट गया था। सुप्रीम कोर्ट से इन्हें कोई राहत नहीं मिली। सरकार और ओबरॉय समूह के बीच होटल के स्वामित्व को लेकर दो दशकों से अधिक समय से कानूनी लड़ाई चल रही थी। इस मामले की अंतिम सुनवाई 30 नवंबर को होगी।