खास तौर पर नागरिक अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, क्षेत्रीय और जोनल अस्पतालों तथा अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है। सरकार का तर्क है कि चिकित्सकों की संख्या बढ़ने से मरीजों को स्थानीय स्तर पर उपचार उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी और मौजूदा चिकित्सकों पर काम का दबाव भी कम होगा। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सरकार ने इसी माह 194 चिकित्सकों की नियुक्ति की है। इनमें 118 विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल हैं। स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम और सीनियर रेजिडेंसी पूरी करने के बाद इन चिकित्सकों को प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में नियुक्ति दी गई है। विभाग के मुताबिक इनकी तैनाती नागरिक अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, क्षेत्रीय व जोनल अस्पतालों और चिकित्सा महाविद्यालयों में की गई है।
चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के तहत गैस्ट्रोएंटरोलॉजी में सहायक प्रोफेसर (सुपर स्पेशियलिटी) के एक पद को पदोन्नति के माध्यम से भरने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। इससे मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में कदम माना जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा है कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के साथ चिकित्सकों और अन्य चिकित्सा पेशेवरों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को प्राथमिकता दे रही है। नई भर्ती और नियुक्तियों से रिक्त पद भरने के साथ स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार तथा मरीजों को घर-द्वार के नजदीक बेहतर और सुलभ उपचार उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी।