बारिश- भूस्खलन के चलते प्रदेश में बिजली के 861 ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं, जबकि पानी की 244 योजनाएं भी प्रभावित हैं। ऊना में दो घर ढह गए, जबकि कांगड़ा में 27 गोशालाओं और 12 मकानों को नुकसान पहुंचा है। पौंग बांध से वीरवार को 40 हजार क्यूसिक पानी छोड़ा गया। बिजली ट्रांसफार्मर ठप होने से चंबा के 20 गांवों में ब्लैक आउट की स्थिति है। शिमला में जगह-जगह पेड़ गिरने से नुकसान हुआ है। अपर शिमला में सड़कें अवरुद्ध होने से सेब के ट्रक फंस गए हैं। रामपुर के सेरी पुल में बारिश से 150 मीटर सड़क ध्वस्त होने से चार पंचायतों का संपर्क कट गया है। पूह में रिब्बा नाले में पिछले कल आई बाढ़ से स्कीबा में बंद हुआ रामपुर-काजा एनएच-5 वीरवार को भी बंद रहा। बारिश के बाद रास्ते बंद होने के कारण किन्नौर कैलाश यात्रा और दो दिन के लिए स्थगित कर दी गई है। यात्रा के रास्ते में तांगलिंग और कांगरांग नालों पर बने पुल तेज बहाव में बह गए हैं। उधर, पांवटा-शिमला एनएच जगह-जगह भूस्खलन से एक घंटा बंद रहा।