सूत्रों के अनुसार वीरवार को विजिलेंस की टीम ठियोग जाएगी। इस दौरान निलंबित इंजीनियरों, ठेकेदारों और चालकों को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। घोटाले की तह तक जाने के लिए विजिलेंस ने मामले से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड कब्जे में ले लिया है। हर पहलू की गंभीरता से पड़ताल कर रही है। इस मामले में किन-किन की संलिप्तता रही है, उससे संबंधित पूरे साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि गड़बड़झाले सामने आने के बाद जल शक्ति विभाग के 10 अफसरों को निलंबित कर दिया गया है। इनमें 2 अधिशासी, 3 सहायक, 4 कनिष्ठ और एक सेवानिवृत्त कनिष्ठ अभियंता शामिल है। इनमें से एक की मृत्यु हो चुकी है। सरकार ने मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए जांच विजिलेंस को सौंपी है।
क्या है मामला
ठियोग उपमंडल में पिछले वर्ष फरवरी से जून के दौरान सूखे के चलते पानी की आपूर्ति टैंकरों से करने का काम ठेके पर दिया गया। आरोप है कि कई जगह पानी की आपूर्ति ही नहीं हुई और भुगतान कर दिया। आरोप यह भी है कि पेयजल आपूर्ति करने वाले टैंकरों के जो नंबर दिए गए। वह मोटरसाइकिल और कारों के हैं।