विजिलेंस का मानना है कि मामला गंभीर है। हर पहलू की बारीकी से पड़ताल होगी। यह घोटाला एक करोड़ का नहीं, ज्यादा का हो सकता है। हिमाचल में बहुचर्चित फर्जी डिग्री मामले की जांच करने वाले एएसपी नरवीर सिंह राठौर को इसकी जांच का जिम्मा सौंपा गया है। अधिकारियों को निलंबित करने से पहले अधीक्षण अभियंता ने भी सरकार को रिपोर्ट सौंपी है। इसमें भी गाड़ियों के नंबर गलत होना का जिक्र है।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री कह चुके हैं कि दोषियों को बक्शा नहीं जाएगा। नीचे से लेकर ऊपर तक जो भी इस मामले में संलिप्त होगा, कड़ी कार्रवाई होगी। बताया जा रहा है कि निलंबित किए गए दो से तीन अधिकारियों की तीन-चार महीने बाद सेवानिवृत्ति है। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, इन्हें पेंशन और अन्य भत्तों से भी वंचित रहना पड़ेगा।