इसमें अतिरिक्त भत्ता, प्रशिक्षण के अवसर और प्रोफेशनल डेवलपमेंट प्रोग्राम शामिल होंगे। विभागीय सूत्रों के अनुसार इन शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण संस्थानों में भेजा जाएगा। सीबीएसई स्कूलों में नियुक्त होने वाले शिक्षकों के तबादले भी नहीं होंगे। चयन परीक्षा के बाद भी अगर कोई पद रिक्त रहेंगे तो शिक्षा निदेशक ऐसे स्कूलों में स्वयं नियुक्तियां करेंगे।
शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है। सीबीएसई पाठ्यक्रम से छात्रों को राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे जेईई, नीट और सीयूईटी की बेहतर तैयारी का अवसर मिलेगा।