सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन चिकित्सकों को वही एनपीए मिलेगा, जो 24 मई 2023 को वित्त विभाग की ओर से जारी अधिसूचना से पहले लागू नियमों और शर्तों के अनुसार दिया जाता था। इससे पहले वित्त विभाग की अधिसूचना के बाद सुपर स्पेशलिस्ट फैकल्टी के एनपीए को लेकर स्थिति बदल गई थी, जिसे अब बहाल कर दिया गया है। यह निर्णय वित्त विभाग की पूर्व स्वीकृति तथा सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद लिया गया है। आदेशों का उद्देश्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को प्रोत्साहन देना और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना है। इस निर्णय से प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सकों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।