हिमाचल प्रदेश में अपर्याप्त बारिश से बिजली का उत्पादन गिर गया है। दिसंबर से ही बिजली परियोजनाओं में तय लक्ष्य से कम विद्युत उत्पादन हो रहा है। नदी-नालों में पानी की आवक कम होने से हाइडल प्रोजेक्टों को उनकी क्षमता के अनुसार पानी उपलब्ध नहीं हो पाया है। इससे प्रोजेक्टों में विद्युत उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ा है। ऊंची चोटियों पर बर्फबारी का दौर जारी है। इससे पहाड़ों पर पहले से जमी बर्फ का पिघलना बंद हो गया। इससे पर्वतमालाओं से बहने वाली नदियों व नालों में पानी की मात्रा सिकुड़ गई है।
जिले की ऊझी घाटी के 24 मेगावाट के कंचनजंगा परियोजना में मात्र तीन मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। 126 मेगावाट की लारजी परियोजना में पानी की भारी कमी से तीन टरबाइनों में दो बंद हैं। एक टरबाइन को सुबह-शाम ही मात्र दो तीन घंटे के लिए ही चलाया जा रहा है। एलाइन दुहांगन परियोजना के परियोजना प्रभारी पंकज कपूर ने बताया कि परियोजना में इन दिनों लगभग पांच लाख यूनिट (20 मेगावाट) बिजली उत्पादन हो रहा है। जून-जुलाई के दौरान उत्पादन 192 मेगावाट के करीब पहुंच जाता है।